Pilibhit News: बीसलपुर क्षेत्र में 16 हजार किसानों का गन्ने की खेती से मोह भंग

गन्ने का खेत ।
दूसरी फसलों की ओर किया रुख, गन्ने का समय से भुगतान न मिलना मुख्य कारण
सत्यवान अवस्थी
बीसलपुर। विभिन्न विसंगतियों के चलते गन्ना समिति क्षेत्र के 16 हजार किसानों ने इस सत्र में गन्ने की खेती छोड़कर दूसरी फसलों धान और गेहूं की खेती को अपनाया है। समय से गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलना इसका मुख्य कारण है।
सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र में कुल 98 हजार गन्ना कृषक है। पिछले कई वर्षों से ये सभी गन्ने की खेती कर रहे थे। इस बार इन लोगों ने गन्ना छोड़कर दूसरी फसलों की ओर रुख किया है।
पिछले दिनों सहकारी गन्ना विकास समिति के कर्मचारियों ने जब गन्ना भुगतान करने के क्रम में समिति क्षेत्र की सभी चीनी मिलों से उनके क्षेत्र के गन्ना किसानों का अभिलेख मांगा, तो इस बात का खुलासा हुआ। अब समिति प्रशासन 98 हजार के विपरीत केवल 82 हजार किसानों को ही गन्ने का भुगतान करेगा। (संवाद)
किसानों ने बताई दिक्कत
गन्ने की खेती छोड़ने वाले किसानों ने गन्ने का भुगतान समय से न मिलने, क्रय केंद्रों पर गन्ना तौलवाने के लिए लंबा इंतजार करने, गन्ने का सट्टा बनाने में गन्ना पर्यवेक्षकों के परेशान करने, गन्ने की पर्चियां समय से न मिलने, गन्ने की खेती सें संबंधित समस्याओं का समय पर निस्तारण न होने, गन्ने की फसल में होने वाली बीमारियों का गन्नाधिकारियों द्वारा समय से निस्तारण न करने , गन्ना केंद्रों पर घटतौली होने और छुट्टा पशुओं द्वारा गन्ने की फसल नष्ट करने आदि समस्याएं बताईं।
गन्ने की खेती छोड़ने वाले इन क्षेत्रों के हैं किसान
बीसलपुर नगर, बिलसंडा कस्बा, बरखेड़ा कस्बा, मधवापुर, दियोरिया, मुडिय़ा बिलहरा, पैनिया हिम्मत, बैरा, पैनिया रामकिशन, बमरोली, रंभोजा, चुर्रासकतपुर, अमृता खास, मानपुर, भीकमपुर, मसीत, टिकरी, जोगीठेर, ज्योरह कल्यानपुर, और कल्यानपुर भंत।
सर्वाधिक किसान दो मिलों के
गन्ने की खेती छोड़ने वाले किसान वैसे तो समिति क्षेत्र की सभी चीनी मिलों के हैं, लेकिन सर्वाधिक किसान बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा और बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर के हैं।
चालू सत्र में 98 हजार के विपरीत केवल 82 हजार किसानों के खेतों में गन्ने की फसल खड़ी है। इस सत्र में गन्ने की खेती न करने वाले 16 हजार किसानों को अगले सत्र में गन्ने की खेती करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
– आरपी कुशवाहा, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति, बीसलपुर