Pilibhit News: 38 हजार किसानो ने चीनी मिलों को नहीं की गन्ने की आपूर्ति
बीसलपुर समिति क्षेत्र में हैं 1.13 लाख किसान, अब होगी जांच
सत्यभान अवस्थी
बीसलपुर। बीते सत्र में इस समिति क्षेत्र के 1.13 लाख के विपरीत केवल 75 हजार किसानों ने चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति की है। 38 हजार किसानों ने गन्ने की आपूर्ति नहीं की। गन्ना कर्मचारी अब इस मामले की जांच करेंगे।
सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखों के अनुसार समिति क्षेत्र में कुल 1.13 लाख गन्ना किसान हैं। यह किसान किसान सहकारी चीनी मिल बीसलपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल बरखेड़ा, द्वारिकेश चीनी मिल फरीदपुर, बजाज हिंदुस्तान चीनी मिल मकसूदापुर, डालमिया शुगर मिल निगोही और एलएच चीनी मिल पीलीभीत से जुड़े हैं।
इस समिति क्षेत्र में पिछले वर्ष माह अक्तूबर से गन्ना सत्र शुरू हुआ था। यह सत्र 30 अप्रैल तक जारी रहा। गन्ना सत्र समाप्त होने के बाद पूरे सत्र में गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों की सूची तैयार करना शुरू की गई, जो अब कहीं जाकर बन पाई। तैयार हुई सूची के अनुसार बीते सत्र में 38 हजार किसानों ने संबंधित मिलों को गन्ने की आपूर्ति नहीं की, जबकि अभिलेखों के अनुसार इन किसानों के खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी। यदि इन 38 हजार किसानों के खेतों में गन्ने की फसल न खड़ी होती तो उन्हें समिति का सदस्य नहीं बनाया जाता।
इन 38 किसानों को समिति का सदस्य बनाया गया। इससे साफ जाहिर है कि इन किसानों के खेतों में गन्ने की फसल खड़ी थी। गन्ना अधिनियम के अनुसार उन्हीं किसानों को समिति का सदस्य बनाया जाएगा, जिन किसानों के खेतों में गन्ने की फसल खड़ी होती है। सूची बनने के बाद गन्ना विभाग के कर्मचारी इन चिह्नित किसानों के बारे में पता लगाएंगे कि उन किसानों ने गन्ना होते हुए भी मिलों को गन्ना आपूर्ति नहीं की। अनुमान है कि इन 38 हजार किसानों के खेतों में गन्ने की फसल कम रही होगी। संवाद
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इन स्थानों के किसानों ने नहीं की गन्ना आपूर्ति
बीसलपुर नगर, बिलसंडा कस्बा, बरखेड़ा कस्बा, मधवापुर, ज्योरह कल्याणपुर, टिकरी, जोगीठेर, पैनिया हिम्मत, पैनिया रामकिशन, दियोरिया, मोहम्मदपुर, अमृता खास, चुर्रासकतपुर, मानपुर ,बमरोली, करेली, ईंटगांव, और भीकमपुर आदि।
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इस बात की जांच कराई जाएगी कि 38 हजार किसानों ने बीते सत्र में चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति क्यों नहीं की। कर्मचारी इस समय गांव गांव जाकर गन्ने का सर्वेक्षण कर रहे हैं। सर्वेक्षण में ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उसके बाद उन किसानों को चीनी मिलों को आगामी सत्र मे अधिक से अधिक गन्ने आपूर्ति करने का सुझाव दिया जाएगा।
– आरपी कुशवाहा, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति, बीसलपुर