Pilibhit News: अभाकिम ने जाना वन्य जीवों से पीड़ित लोगों का हाल
पूरनपुर। अखिल भारतीय किसान महासभा (अभाकिम) के कार्यकर्ताओं ने वन्य जीवों के जंगल से निकलकर किसानों पर हमलाें की घटनाओं पर रोष जताया। तय किया कि गांव उजाड़ों, जंगल, जानवर पालों की नीति के खिलाफ आंदोलन होगा। आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 19 नवंबर को गांव जमुनिया में किसान पंचायत होगी। इसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
महासभा के राष्ट्रीय सचिव अफरोज आलम, भाकपा माले के जिला सचिव देवाशीष राय, नगीना राम, शम्स विकास, अनिल वर्मा ने जंगल से किनारे बसे गांव में दो दिवसीय भ्रमण कर वन्य जीवों से प्रभावित परिवारों से मिलकर जानकारी जुटाई। अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अफरोज आलम ने बताया कि जंगल टाइगर रिजर्व के अनुपयुक्त है। इसके बाद भी टाइगर रिजर्व घोषित नहीं किया गया। इसी का नतीजा है कि वन्य जीव जंगल के बाहर आकर लोगों को निवाला बना रहे है। हाथी फसलों को खा रहे और खराब कर रहे है।
अब प्रदेश सरकार गेंडा और हाथी कॉरीडोर बनाने की कोशिश कर रही है। वन्य जीवों के हमला से पीडि़त परिवारों में क्षेत्र में मुख्यमंत्री आने के बाद उनकी बात न सुनने, वन्य जीवों के जंगल के बाहर निकलने पर रोक न लगाने पर रोष है। भाकपा माले नेता देवाशीष राय ने कहा कि भाकपा गांव उजाड़ो, जंगल, जानवर पालों की नीति नहीं चलने देगी। इसके खिलाफ 19 नवंबर को कलीनगर तहसील के गांव जमुनिया में पंचायत बुलाकर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।