Pilibhit News: बच्चों को स्कूल लाने में नाकाम साबित हो रहा है बेसिक शिक्षा विभाग
पीलीभीत। गांवों के बच्चों को बेसिक शिक्षा विभाग स्कूल तक नहीं ला पा रहा है। हाल ही में जब डीएम ने समीक्षा की तो पता चला कि जिले में महज 52 प्रतिशत छात्रों की ही स्कूलों में उपस्थिति दर्ज हुई है। इससे साफ है कि गांवों के करीब आधे बच्चों को पीएम पोषण योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने बीएसए को गांवों में कैंप लगाकर अधिक से अधिक बच्चों की उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को मिड-डे मील के तहत पोषणयुक्त भोजन दिया जाता है। अब इसका नाम पीएम पोषण कर दिया गया है। नाम बदलने के साथ ही छात्रों की सेहत संवारने के लिए पके हुए भोजन में भी कुछ बदलाव किया गया है। शासन ने इस बदलाव के बाद अधिकारियों को अधिक से अधिक बच्चों का स्कूलों में प्रवेश करने के निर्देश जारी किए थे।
स्कूलों में अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के लिए शिक्षकों की ओर से ग्राम प्रधानों के साथ ही ग्रामीणों का भी सहयोग लिया जा रहा हैं। इसके बाद भी मंशा के अनुरूप छात्र स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे बच्चों की सेहत नहीं संवर पा रही है। योजना का लाभ कितने बच्चों को मिल रहा है, इसकी गत दिनों डीएम ने समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान विकासखंड वार उपस्थिति देखा गई थी। इसमें जुलाई में 52.6 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति पाई गई थी।
लक्ष्य के सापेक्ष कम उपस्थिति पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई थी। डीएम ने अध्यापकों के माध्यम से डोर टू डोर अभियान चलाकर बच्चों के माता -पिता,अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने बीएसए अमित कुमार को विद्यालयों में बच्चों की 80 प्रतिशत तक उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए।
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स्कूलों में अधिक से अधिक बच्चों के प्रवेश के लिए शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। उपस्थिति बढ़ाकर करीब अस्सी प्रतिशत कराने पर जोर दिया जा रहा है ताकि बच्चों की सेहत सही रहे और शिक्षा भी मिले।- अमित सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी