Pilibhit News: जरा संभल कर…कहीं आप भी न हो जाएं लू का शिकार
गर्मी बढ़ते ही जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे हीट स्ट्रोक के 100 मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। घर से बाहर जा रहे हैं तो जरा संभल कर, लू के तेज थपेड़े आपको गिरफ्त में ले सकते हैं। जरूरी है कि जब भी घर से निकलें आपका शरीर कपड़ों से ढका हो, साथ ही सिर पर भी गर्मी से बचने के पूरे इंतजाम हों।
मौसम में बदलाव के कारण हीट स्ट्रोक (लू) लगने की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल के कुल मरीजों में 10 फीसदी हीट स्ट्रोक के होते हैं। मामूली लक्षणों के नजर आने पर दवाएं देकर उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। कई बार हालत गंभीर होने पर मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। डॉक्टरों ने हीट स्ट्रोक को लेकर सजग रहने की आवश्यकता बताई है।
जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गई है। प्रतिदिन करीब एक हजार से ज्यादा मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं। जिनमें से 100 मरीज सिर्फ हीट स्ट्रोक के ही होते हैं। हालात सामान्य हैं क्योंकि अधिकतर मरीजों में हीट स्ट्रोक के मामूली लक्षण दिखते हैं, ऐसे में दवा देकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। दो-चार मरीजों को ही हालत गंभीर होने पर भर्ती कराया जाता है।
हीट स्ट्रोक से हालत बिगड़ने के पीछे डिहाइड्रेशन ( शरीर में पानी की कमी) को जिम्मेदार माना जाता है। यदि थोड़ी सी सावधानी बरती जाए तो हालत बिगड़ने की नौबत नहीं आएगी। जिला अस्पताल के आयुष विंग के डॉ. अदनान व डॉ. शरीफ ने बताया कि पानी की कमी को दूर करके हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है।
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ये लक्षण दिखें तो समझिए हीट स्ट्रोक
– अचानक तेज बुखार
– कमजोरी महसूस होना
– रक्तचाप का घटना
– दस्त आना, पेट दर्द
– चक्कर आना
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हीट स्ट्रोक से कैसे बचें
– दोपहर में निकलने से बचें
– जरूरी होने पर सिर ढक कर निकलें
– फुल आस्तीन के कपड़े पहनें
– जूस, नारियल पानी पीएं
– तला-भुना बिल्कुल न खाएं
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इंतजाम हैं, सावधानी जरूरी
चिकित्सालय में हीट स्ट्रोक को देखते हुए ओपीडी में ओआरएस जैसी दवाएं मौजूद हैं, लोगों को प्राथमिक तौर पर सलाह दी जाती है कि पानी खूब पीएं, इससे हालत गंभीर होने से बचा जा सकता है।
– डॉ संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज



