Pilibhit News: पांच सौ से अधिक किसानों के सट्टे लॉक, नहीं मिल पा रहीं हैं पर्चियां
सहकारी गन्ना विकास समिति के चक्कर लगाने के लिए किसान मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बीसलपुर। सहकारी गन्ना विकास समिति क्षेत्र के विभिन्न गांवों के 500 से अधिक किसानों के गन्ने के सट्टे विभिन्न प्रकार की कमियों के कारण लॉक पड़े हैं। इन किसानों की गन्ने की पर्चियां नहीं आ पा रही हैं। किसान समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
सहकारी गन्ना विकास समिति के अभिलेखोंं के अनुसार समिति में कुल 98 हजार गन्ना कृषक हैं। इनमें से लगभग 500 से अधिक किसानों के गन्ने के सट्टे लॉक पड़े हैं। सट्टे लॉक पड़े होने के कारण इन किसानों की गन्ने की पर्चियां नहीं आ पा रही हैं। ऐसे किसान रोजाना समिति कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
समिति अभिलेखों के अनुसार जिन किसानों के गन्ने के सट्टे लॉक हैं, उनमें किसी का मोबाइल नंबर, किसी का बैंक खाता नंबर दर्ज नहीं है तो किसी किसान का आधार कार्ड संलग्न नहीं है। विभागीय उच्चाधिकारियों ने यह स्पष्ट रूप से नियम बना रखा है कि जिन किसानों के सट्टा संबंधी अभिलेखों में कोई भी कमी होगी, उनका सट्टा लॉक रहेगा।
अधिकारियों का कहना है कि जब तक वे किसान अपनी उन कमियों को पूरा नहीं करेंगे, तब तक उनका सट्टा नहीं खोला जाएगा। समझा जाता है कि गन्ना विभाग के आला अफसरों के इसी फरमान के तहत इन 500 किसानों के सट्टे लॉक हैं। बताया जाता है कि संबंधित किसान अपनी इन कमियों को पूरा करने को तैयार है, लेकिन क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षकों के न मिल पाने के कारण ये कमियां पूरी नही हो पा रही हैं और किसान परेशान हो रहे हैं।
समिति सचिव आरपी कुशवाहा ने बताया कि जिन किसानों के गन्ने के सट्टे लॉक हैं, उन्हें कमियां पूरी करने को कहा जा रहा है। जिन किसानों की कमियां पूरी होती जा रही हैं, उनके सट्टे खोले जा रहे हैं।