Pilibhit News: भाकियू ने थाने सामने दिया धरना, नारेबाजी की

थाना गजरौला के बाहर धरना देते भाकियू के कार्यकर्ता।
पीलीभीत/गजरौला। दबंगों के भाकियू कार्यकर्ता धर्मेंद्र गुप्ता की जमीन पर कब्जा कर लेने से नाराज कार्यकर्ताओं ने थाने के सामने धरना दिया। इस दौरान एसओ के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। आरोप था कि पुलिस दबंगों को संरक्षण दे रही है। इसके चलते आरोपियों ने जमीन पर कब्जा कर लिया है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म किया।
थाना गजरौला क्षेत्र के गांव शिवनगर में भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता ने जमीन खरीदी थी। जो मौके पर कम थी। मामला कोर्ट तक पहुंचा। न्यायालय ने तूदाबंदी के आदेश दिए। 10 जून को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में पैमाइश कराकर पक्की तूदाबंदी करा दी।
आरोप है कि गांव के जयवीर सिंह, रामवीर, मुकेश और राजकुमार ने तूदे उखाडकर फेंक दिए और जमीन पर फिर से कब्जा कर लिया। धर्मेंद्र को जब मामले की जानकारी हुई तो वह खेत पर पहुंचे। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने गालीगलौज कर उन्हें जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। बाद में दबंगों ने खेत में फसल बो दी। शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसके विरोध में शनिवार को सैकड़ों कार्यकर्ता थाने गेट पर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने एसओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी अंशु जैन, एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, तहसीलदार जनार्दन आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने भाकियू कार्यकर्ताओं को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना खत्म हो गया।
धरना देने वालों में जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश शर्मा, मंडल अध्यक्ष सतबिंदर सिंह कहलो, मंडल उपाध्यक्ष लालू मिश्रा, प्रदेश सचिव स्वराज सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल वर्मा, मनमोहन सिंह आदि मौजूद रहे।
तीन घंटे थाने के सामने चला धरना-प्रदर्शन
थाने गेट के सामने कार्यकर्ताओं ने लगभग तीन घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी कर धरना दिया। मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने मामले को शांत कराया। बाद में पु्लिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने व फसल को जुतवाकर कब्जा दिलाने का आश्वासन दिया।
वर्जन:
जमीन को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं का धरना प्रदर्शन चल रहा था। जिसके बाद सीओ सिटी अंशु जैन व हमने स्वंय पहुंचकर बातचीत कर धरना समाप्त कराया। – देवेंद्र सिंह, एसडीएम सदर।