Pilibhit News: भाजपा नेता की प्रभारी प्राचार्य से कहासुनी
अस्पताल के कर्मचारी पर तीमारदार से बदसलूकी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी।
पीलीभीत। जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए एक मरीज के परिजन जांच न होने पर नाराज हो गए। मामला तूल पकड़ गया। राजनीतिक दखल के बाद सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य से जांच कराने के लिए पैरवी की। भाजपा नेता प्राचार्य के दफ्तर पहुंच गए व अस्पताल कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए, इस दौरान उनकी कहासुनी भी हुई।
शनिवार की सुबह तुलाराम मोहल्ले की रहने वाली सविता देवी को उनके बेटे आलोक सक्सेना ने तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल के आकस्मिक विभाग में भर्ती कराया। आलोक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता भी हैं। आलोक के मुताबिक अस्पताल के कर्मचारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। साथ ही कोई जांच भी नहीं कराई।
जब इस संबंध में कहा गया तो कर्मचारियों ने बदसलूकी की। उन्होंने इसकी जानकारी परिषद के संगठन मंत्री मनोज को दी। मनोज ने प्रभारी प्राचार्य को फोन किए लेकिन संपर्क नहीं हो सका। घटना की सूचना मिलने भाजपा जिला महामंत्री दिनेश पटेल भी मौके पर पहुंचे। सीएमओ डॉ आलोक शर्मा के पास मामला पहुंचने पर उन्होंने प्रभारी प्राचार्य से बात की। तब जाकर सविता की जांच कराई गईं। इसके बाद भाजपा के जिला महामंत्री प्रभारी प्राचार्य संजीव सक्सेना के कार्यालय पहुुंचे। जहां पर काफी देर तक बहस होती रही।
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कर्मचारियों पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
भाजपा जिला महामंत्री प्रभारी प्राचार्य के कार्यालय में पहुंचे। उनके साथ अभाविप के विभाग संगठन मंत्री मनोज भी थे। जिला महामंत्री दिनेश पटेल ने प्राचार्य से कहा कि जब मेरा फोन नहीं उठता तो आम व्यक्ति की क्या हालत होती होगी। उन्होंने अस्पताल के कर्मियों पर स्वास्थ्य प्रमाण पत्र में पैसे लेने का भी आरोप लगाया।
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मरीज को दिक्कत नहीं
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजीव सक्सेना ने कहा कि सीएमओ से जानकारी मिलने के बाद जांचें करा दी गईं, हालांकि इमरजेंसी में चिकित्सकों ने जांचें कराने की जरूरत नहीं समझी थी लेकिन अब दबाव बनाया गया तो जांचें करा दी गईं। मरीज को कोई परेशानी नहीं निकली।