पीलीभीत

Pilibhit News: बदलते मौसम ने बढ़ाए अस्थमा के मरीज

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Changing weather increases asthma patients

शनिवार को मेडिकल कॉलेज में फिजि​शियन  चिकितसक कक्ष के बाहर तक लगी लंबी लाइन । संवाद

पीलीभीत। मौसम ठंडा होने और दिवाली से पहले घरों की सफाई से निकलने वाली धूल की वजह से जिले में एकाएक अस्थमा के मरीज बढ़े हैं।मेडिकल कॉलेज में रोजाना 50 से 60 मरीज अस्थमा के पहुंच रहे हैं। डॉक्टर अस्थमा के मरीजों को दवा लेने के साथ ही उसके बचाव के टिप्स भी दे रहे हैं।

ठंड के अलावा अस्थमा बढ़ने की वजह धुआ, गंध, जोर से हंसना, चिल्लाना आदि भी है। दमा से पीड़ित कुछ लोगों में व्यायाम करते समय, सांस की नली सिकुड़ने की समस्या हो सकती है। सांस की नली के इस तरह सिकुड़ने की समस्या, व्यायाम के दौरान मुंह से बिना नमी वाली और ठंडी हवा को अंदर खींचने के कारण हो सकती है।

मरीज डाइट में यह करें शामिल

डॉक्टर के मुताबिक, जिनको अस्थमा की समस्या है वह अपनी डाइट में ब्रोकली, जामुन, केला, पत्तेदार साग, खरबूजे आदि जरूर शामिल करें। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार करते हैं। अस्थमा के मरीजों के लिए मैग्नीशियम काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। यह फेफड़ों को स्वस्थ रखने में काफी मददगार है।

रोग के लक्षण

दमा का दौरा अचानक से गले में घरघराहट, खांसी और सांस फूलने से शुरू हो सकता है। कभी-कभी दमा का दौरा, धीरे-धीरे बिगड़ते जाने वाले लक्षणों के साथ धीरे-धीरे आता है। दोनों ही तरह के मामलों में पीड़ितों को शुरुआत में सांस लेने में मुश्किल होती है, खांसी होती है या छाती में जकड़न महसूस होती है।

मौसम बदलने की वजह से अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले प्रत्येक दिन 25 से 30 मरीज आते थे, अब यह संख्या 50 से 60 पहुंच गई है। अस्थमा के मरीजों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। लापरवाही बिल्कुल भी ठीक नहीं है। – डॉ. हितेश राठौर, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज


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