Pilibhit News: जमीन का शुरू हुआ सीमांकन

गांव राहुल नगर के समीप संयुक्त सीमांकन को पहुंचे राजस्व और वन विभाग के कर्मी । स्रोत – ग्रामीण
79 पट्टेदारों में खुशी, सीमांकन न होने से शुरू नहीं कर पा रहे थे गेहूं की बुआई
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। बाढ़ के बाद शारदा नदी की छोड़ी गई जमीन का संयुक्त सीमांकन सोमवार को शुरू हो गया। सीमांकन न होने से 79 पट्टेदार जमीन पर गेहूं की बुआई नहीं कर पा रहे थे।
ग्राम पंचायत चंदिया हजारा के गांव राहुलनगर के 79 पट्टेदारों को वर्ष 1976 में ग्राम समाज की जमीन पर ढाई-ढाई एकड़ के पट्टे की जमीन दी गई थी। नदी किनारे की जमीन पर शारदा नदी की बाढ़ के कारण पिछले कई सालों से मात्र एक ही फसल हो पा रही थी।
वर्ष 1984 में शारदा नदी की बाढ़ में नदी का रुख बदलने पर नदी के इस पार की जमीन दूसरी ओर पहुंच गई। तब से पट्टेदार लखीमपुर खीरी के डीएफओ से मिलकर जमीन का सीमांकन कराकर गेहूं की खेती करते रहे। नदी का रुख इस बाद फिर बदलने पर शारदा नदी ने इस बार फिर गांव की ओर जमीन को छोड़ा।
पट्टेदारों ने करीब एक महीने पहले प्रभागीय वनाधिकारी को पत्र देकर जमीन की पैमाइश कराने की मांग की, ताकि वे लोग पट्टेे की जमीन पर गेहूं की बुआई करा सकें। डीएफओ ने समस्या को गंभीरता से लेकर एसडीएम पूरनपुर को संयुक्त सीमांकन कराने को पत्र लिखा, मगर जमीन का सीमांकन शुरू नहीं हो सका।
सोमवार को जमीन का संयुक्त सीमांकन शुरू कर दिया गया। राजस्व और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की।