पीलीभीत

Pilibhit News: डेंगू, मलेरिया ले चुका 12 की जान, स्वास्थ्य विभाग गिना रहा दूसरी बीमारियां

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Dengue and malaria have taken the lives of 12, health department is counting other diseases

दवा का छिड़काव करता कर्मी ।

पीलीभीत। जिले में डेंगू और मलेरिया के मरीज लगातार मिल रहे हैं। आए दिन किसी न किसी की मौत भी हो रही है। मगर स्वास्थ्य विभाग इन पर पर्दा डालने में जुटा है। डेंगू और मलेरिया से जिले में अब तक 12 मौतें हो चुकी हैं। बिलसंडा क्षेत्र के गांव बिलहरा में ही सात लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इन मौतों की वजह दूसरी बीमारियां बता रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें शहर के साथ ही गांवों में लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों का परीक्षण कर रही हैं। रोजाना डेंगू व मलेरिया के मरीज मिलने की पुष्टि खुद स्वास्थ्य विभाग कर रहा है, लेकिन एक भी मौत होने की बात स्वीकार नहीं कर रहा है। सोमवार को जिले में 1084 लोगों की जांच में नौ को मलेरिया होने की पुष्टि हुई। जिले में अब तक 275 लोगोंं में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है।

इसके अलावा डेंगू की 89 जांचों में 12 की एनएस-वन पॉजिटिव आई। इनका एलाइजा टेस्ट कराने पर दो में डेंगू की पुष्टि हुई। डेंगू के जिले में बुधवार तक कुल 14 मरीज मिल चुके हैं। जिला अस्पताल के डेंगू व मलेरिया वार्ड में बुखार के मरीज भरे हुए हैं।

मलेरिया पॉजिटिव की मृत्यु की वजह नशा बताई

बिलसंडा क्षेत्र के गांव बिलहरा निवासी कल्लू को शनिवार से बुखार आ रहा था। रविवार को उसने स्वास्थ्य विभाग के शिविर में जांच कराई तो उसे मलेरिया होने की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने उसे दवा दे दी। मंगलवार को कल्लू की मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर बताया कि कल्लू सुल्फा आदि का नशा करता था। इसकी वजह से उसकी मौत हुई है। मलेरिया से वह नहीं मरा। मजेदार बात तो यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अफसर बिना पोस्टमार्टम कराए ही मौत की वजह नशा और दूसरी बीमारियां बता रहे हैं। आखिर वे यह दावा किस आधार पर कर रहे हैं, इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है।

डेंगू, मलेरिया से हुईं 12 मौतों के ये बताए जा रहे कारण

मृतक का नाम मौत की तिथि व पता विभागीय आंकड़ों में मौत का कारण

1- गुड्डी 13 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) आकस्मिक जांच में कारण स्पष्ट नहीं

2- रोहिनी 20 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) फेफड़ों में संक्रमण से मौत

3- सोनू 05 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) उल्टी-दस्त से मौत

4- सोनिया 06 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) गर्भपात के बाद उत्पन्न जटिलता से मौत

5- पुष्पा 29 अगस्त बिलहरा (बिलसंडा) सेप्टीसीमिया विद रीनल फेल्योर

6- प्यारेलाल 20 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) लकवा पीड़ित से मौत

7- पूनम 13 अगस्त, बिलहरा (बिलसंडा) दिल के दौरे से मौत की आशंका

8- सगीर अहमद 04 सितंबर, ग्यासपुर, बीसलपुर सांस लेने में दिक्कत

9 -रीना 05 सितंबर ग्यासपुर, बीसलपुर लिवर व फेफड़ों में इंफेक्शन

10- रमेश 06 सितंबर, मोहब्बतपुर, पूरनपुर स्वास्थ्य खराब होने से मौत

11- अनीश 07 सितंबर मनिहारी, जहानाबाद पेट दर्द, सांस की दिक्कत से मौत

12- कल्लू 11 सितंबर, बिलहरा (बिलसंडा) नशे के कारण फेफड़ों में इंफेक्शन

वर्जन:

स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार गांवों में जांच कर रही है। पॉजिटिव आने पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। जिले में अभी तक किसी भी मरीज की डेंगू या मलेरिया से मौत नहीं हुई है। – डॉ. आलोक कुमार, सीएमओ

चंदिया हजारा में 266 लोगों की जांच, 40 बुखार से पीड़ित मिले

फोटो १३ पीबीटीपी २६

पूरनपुर। गांव चंदिया हजारा में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच शिविर लगाया गया। इसमें 266 लोगों का परीक्षण कर दवाई बांटी गई। इनमें 40 लोग बुखार से पीड़ित मिले। बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांव के ज्यादातर लोग दाद, खाज, खुजली, बुखार, जुकाम से पीड़ित हैं। बुधवार को गांव के मनरेगा भवन में जांच शिविर लगाया गया। इसमें मलेरिया की भी जांच कराई गई। जांच में किसी को मलेरिया होना नहीं पाया गया। टीम ने भूख हड़ताल पर बैठे लोगों का भी परीक्षण किया। चीफ फार्मासिस्ट सुशांत हलधर ने बताया कि तीन अनशनकारियों का रक्तचाप बढ़ा पाया गया।

दवा का छिड़काव करता कर्मी ।

दवा का छिड़काव करता कर्मी ।


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