पीलीभीत

Pilibhit News: जिला अस्पताल में डायरिया वार्ड नहीं बना

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मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी स्वास्थ्य विभाग नहीं जागा

अस्पताल आ रहे 800 से 1000 मरीजों में करीब 200 डायरिया, उल्टी-दस्त के

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी जिला अस्पताल में डायरिया वार्ड नहीं बनाया गया है। ऐसे में सोमवार को भी यहां आए डायरिया, लू और उल्टी-दस्त के मरीजों को सामान्य मरीजों की तरह भर्ती किया गया। इस समय जिला अस्पताल में प्रतिदिन 150 से 200 मरीज उल्टी दस्त, डायरिया और लू के आ रहे हैं।

सोमवार को जिला अस्पताल में ओपीडी कक्ष से लेकर दवा कक्ष तक मरीजों की भीड़ रही। 200 से ज्यादा मरीज अकेले फिजिशियन के पास पहुंचे। इनमें अधिकतर पेट दर्द, बुखार, उल्टी-दस्त, लू पीड़ित थे। आवश्यकता पड़ने पर कई मरीजों को भर्ती भी किया गया। दो मरीज तो इमरजेंसी में ही भर्ती किए गए, लेकिन डायरिया वार्ड नहीं होने के कारण मरीजों को सामान्य मरीजों के साथ ही भर्ती करना पड़ा।

विभागीय आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को 237, शनिवार को 185 और सोमवार को 208 मरीज जिला अस्पताल में फिजिशियन के पास पहुंचे।

पिछले कई दिनों से गर्मी के कारण उल्टी व दस्त हो रहे थे। गांव में ही दवा ले रही थी, सोमवार को हालत बिगड़ गई। जिसके बाद जिला अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती होना पड़ा।

– प्रीति, नाकूड़, कोतवाली क्षेत्र

पिता का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। गर्मी के कारण मेरी भी तबीयत खराब हो गई। उल्टी-दस्त शुरू हो गए। जिसके बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

-अजय, मिंतरपुर, दियोरिया

गर्मी के कारण लोगों की तबीयत ज्यादा खराब हो रही है। उन्हें हल्का खाना खाने की सलाह दी जा रही है। अस्पताल से ओआरएस घोल और अन्य दवाएं दी जा रहीं हैं। गंभीर हालत होने पर मरीज को इमरजेंसी में भर्ती कर लिया जाता है।

– रमाकांत सागर, फिजिशियन

भीषण गर्मी को देखते हुए डाॅक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया जाए। हालात सामान्य होने पर उन्हें पीछे मेडिकल वार्ड में भर्ती किया जाता है। अलग से डायरिया वार्ड अभी नहीं बना है।

– डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज


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