Pilibhit News: लाल सड़न रोग होने पर न करें रासायनिक दवाओं का छिड़काव

किसान गोष्ठी में जानकारी देते अधिकारी । संवाद
किसान गोष्ठी में किसानों को दी गई फसलों की बीमारी और रोकथाम की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। इफको द्वारा आयोजित किसान गोष्ठी में किसानों से फसल अवशेष न जलाने का आह्वान किया गया। अवशेष जलाने से होने वाली दिक्कत को लेकर जागरूक किया गया। इसके अलावा अन्य कई जानकारी दी गईं। लाल सड़न रोग होने पर फसलों में रसायन का प्रयोग न करने की अपील भी की गई।
सहकारी गन्ना विकास समिति में आयोजित गोष्ठी में उप निदेशक कृषि डॉ. संतोष ने बताया कि किसान अपने खेतों में फसल अवशेष कदापि न जलाएं। फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और इससे श्वांस की बीमारियां फैलती हैं। लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं तथा जमीन की सेहत पर विपरीत असर पड़ता है।
जिला गन्ना अधिकारी खुशी राम भार्गव ने गन्ने में रेड रॉट (लाल सड़न) की समस्या को लेकर जानकारी दी। कहा जिन खेतों में रेड रॉट की बीमारी लग गई है उनमें अनावश्यक रूप से रसायनिक दवाओं का छिड़काव न करें। इस बीमारी से बचाव के लिए स्वस्थ एवं रोग रहित बीज की बुआई करें।
इफको के जिला प्रबंधक बृजवीर ने गन्ना किसानों को नैनो यूरिया (तरल) एवं नैनो डीएपी के प्रयोग के बारे में विस्तार से बताया। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक राम भद्र द्विवेदी, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मझोला ने भी किसानों को समसामयिक जानकारी दी।