Pilibhit News: सीएम के कार्यक्रम में डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज पहुंचे मरीज बिना इलाज लौटे

मेडिकल कॉलेज में लगी लाइन । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे रहीं, क्योंकि अधिकांश डॉक्टरों व अन्य मेडिकल स्टॉफ की ड्यूटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सेफ हाउस में लगाई गई थी। इसकी वजह से शुक्रवार को पहुंचे अधिकांश मरीजों को बिना इलाज और दवा लौटना पड़ा।
जिले में वायरल फीवर का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। निजी अस्पतालों के अलावा मेडिकल कॉलेज का भी हाल बुरा है। मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक दिन 1200 से 1500 मरीजों की ओपीडी होती है। मेडिकल कॉलेज में अगर एक भी डॉक्टर छुट्टी चला जाए तो मरीजों का हाल बेहाल हो जाता है। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के अधिकांश डॉक्टरों की ड्यूटी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लगी थी, जिसकी वजह से शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज डॉक्टर विहीन रहा। इसका खामियाजा 1230 मरीजों को भुगतना पड़ा। डॉक्टरों के अभाव में प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजीव सक्सेना सहित चर्म रोग, नेत्र चिकित्सक आदि मरीजों का इलाज करते नजर आए।
बुखार-खांसी के ही मरीजों को मिल सकी दवा
मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 1230 मरीज पहुंचे। घंटों लाइन में लगने के बाद मरीजों ने जैसे-तैसे पर्चा बनवाया। जब डॉक्टर को दिखाने का नंबर आया तो पता चला कि कई डॉक्टर बैठे ही नहीं हैं। बुखार, खांसी के मरीजों को जैसे-तैसे दवा तो मिल गई, लेकिन नाक, कान गला व सर्जरी वाले मरीजों को डॉक्टर नहीं मिल सके।
सीएम के कार्यक्रम में इन डॉक्टरों की लगी ड्यूटी
डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. पारूल मित्तल, डॉ. रितिका अग्रवाल, डॉ. केपीएस चौहान, डॉ. प्रवीन शर्मा, डॉ. आरके सागर के अलावा एलटी जगदीश मित्तल, धर्मेंद्र राना, फार्मासिस्ट अमरेश कुमार, यूएस यदुवंशी, वार्ड बॉय हिमांशु कश्यप, हर्षित कुमार की ड्यूटी मुख्यमंत्री कार्यक्रम में लगाई गई थी।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में डॉक्टरों की ड्यूटी थी। इसकी वजह से कुछ मरीजों को दिक्कत हुई। बावजूद इसके हमारा पूरा प्रयास रहा कि आने वाले मरीजों को कोई दिक्कत न हो, ऐसे में मेडिकल कॉलेज के शेष डॉक्टरों से काम चलाया गया।
– डॉ. संजीव सक्सेना, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज