Pilibhit News: ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने की कवायद सिर्फ कागजों तक सीमित

पूरनपुर मार्ग पर बलेक स्पॉट के पास उगी झाड़िया । स्रोत – रहागीर
पीलीभीत। भीषण हादसों के बाद जिले में 19 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। दुर्भाग्य यह है कि ब्लैक स्पॉट पर हादसे रोकने की कवायद सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। मौके पर न तो संकेतक बोर्ड ही लगे हैं और न ही ब्लैक स्पॉट की पहचान दर्शाने का कोई प्रयास ही किया गया है। ताकी गुजरने वाले लोग सावधानी बरत सकें। परिवहन विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में पिछले पांच सालों में 1819 हादसों में 1120 लोग घायल हुए और 967 लोगों ने जान गंवाई है।
वह सड़क जहां तीन सालों में पांच बड़े हादसे हो गए हों या फिर एक ही स्थान पर तीन वर्षों में 10 मौतें तो उस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित कर दिया जाता है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 19 स्थानों को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। हकीकत यह है कि मौके पर सांकेतिक बोर्ड, रिफ्लेक्टर आदि कुछ भी नहीं लगे हैं। लोगों को ब्लैक स्पॉट से गुजरते समय यह तक पता नहीं होता कि वह ब्लैैक स्पॉट क्षेत्र से गुजर रहे हैं। विभाग का दावा है कि ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में हादसों को रोकने के लिए सभी प्रकार के सांकेतिक बोर्ड, रिफलेक्टर, सेबरन बोर्ड, रंबल स्टि्रक, टेबल टॉप आदि लगाए हैं, ताकि उनकी पहचान से चालक सावधान हो जाए।
इन जगहों पर हैं ब्लैक स्पॉट
पूरननुपर का चीनी मिल तिराहा, सेहरामऊ उत्तरी, बारी बुझिया, सुनगढ़ी क्षेत्र के असम चौराहा से देवहापुल, पूरनपुर गेट चौकी, छतरी चौराहा से एलएच शुगर फैक्टरी, असम चौकी से प्रभा पैलेस, जगरौलीपुल, गजरौला माला रोड, बरखेड़ा के जिरौनिया, बजाज चीनी, पतरासा, गाजीपुल मुगल, बीसलपुर के जोगीठेर, परसिया, जहानाबाद क्षेत्र के अकबरगंज गौटिया, जतीपुर, ललौरीखेड़ा, खमरियापुल, शाही को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है।
ब्लैक स्पॉट की यह है पहचान
जिन स्थानों पर हादसों से संबंधित सांकेतिक बोर्ड, रिफलेक्टर, सेबरन बोर्ड, रंबल स्टि्रक, टेबल टॉप आदि लगे हों तो समझ जाएं कि वह स्थान ब्लैक स्पॉट है। ऐसे में ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर सावधानी पूर्वक चलें।
पिछले पांच साल में हुईं 967 मौतें
जिले में पिछले पांच सालों में 1819 हादसे हुए। इनमें 1120 घायल और 967 लोगों की जान गई। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2019 में 506 हादसे हुए, इनमें 258 मौत हुईं, जबकि 298 लोग घायल हुए। वर्ष 2020 में 280 हादसे, 143 मौत और 205 लोग घायल हुए। वर्ष 2021 में 286 हादसों में 151 मौतें और 183 लोग घायल हुए। वर्ष 2022 में 457 हादसों में 226 मौतें हुईं और 274 लोग घायल हुए। 2023 में जनवरी से अब तक 290 हादसे हुए, इनमें 149 मौतें हुईं, जबकि 160 लोग घायल हुए।
ब्लैक स्पॉट पर सभी जगह मानक के अनुरूप संकेतांक लगाए गए हैं, ताकि हादसों को रोका जा सके। जहां संकेतांक नहीं लगे हैं वहां लगाए जाने की कार्रवाई चल रही है। – वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ