Pilibhit News: महंगी हरी सब्जियों ने बिगाड़ा रसोई का जायका
– मंडी से गली-मोहल्लों तक पहुंचते सब्जी के दाम हो जाते है ज्यादा
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत-पूरनपुर। महंगाई का असर सब्जियों पर भी है। इससे किचन का जायका बिगड़ रहा है। दरअसल मंडी से गली-मोहल्लों तक पहुंचते-पहुंचते सब्जी के भाव मंडी से अधिक हो जाते है। इधर, कड़ी मेहनत करने वाले किसानों की कभी-कभार लागत भी नहीं निकल पाती।
रविवार को मंडी में लौकी दो रुपये, तुरई 12 रुपये, काशीफल पांच रुपये, खीरा 13 रुपये, भिंडी 15 रुपये प्रति किलोग्राम भाव बिका, जबकि मंडी से गली-मोहल्लों तक पहुंचते-पहुंचते सस्ती सब्जी के भाव काफी अधिक हो गए।
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व्यापार में नहीं है लाभ
सब्जी व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयपाल विक्की बताते है कि आढ़तियों का व्यापार हमेशा मंदा ही रहता है। सब्जी बिक्री पर तीन प्रतिशत कमीशन होता है। इसके अलावा जो सब्जी खरीददार है उनसे एक रुपये प्रति किलोग्राम कमीशन लिया जाता है। ऐसे में मुनीम, तीन से चार कर्मचारियों का मानदेय निकालना भारी पड़ जाता है। उधर, गली-मोहल्लों में सब्जी बेचने वालों को कहीं अधिक लाभ होता है।
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सब्जी मंडी भाव खुले बाजार का भाव
लौकी दो रुपये 10 से 15
तुरई 12 रुपये 30 रुपये
टमाटर छह रुपये 10 रुपये
हरी मिर्च 12 रुपये 20 रुपये
खीरा 12 रुपये 30 रुपये
करेला 15 रुपये 30 रुपये
गुहार की फली 20 रुपये 60 रुपये
काशीफल पांच रुपये 15 रुपये
भिंडी 15 रुपये 30 रुपये