Budaun News: हजरत गूंगेशाह दरगाह के सज्जादानशीं रज्जू शाह का इंतकाल

सज्जादानशीं रज्जू शाह का फाइल फोटो।
कादरचौक। हजरत गूंगेशाह दरगाह के सज्जादानशीं राजू शाह का इंतकाल रविवार रात हो गया। उन्हें दरगाह पर ही सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मलंग गद्दी को वह सज्जादानशीं के रूप में दस वर्ष पांच माह से संभाल रहे थे। वह नौवें सज्जादानशीं के रूप में गद्दी पर बैठे थे।
राजू शाह हिंदू परिवार में जन्मे थे और नौकरी छोड़ दरगाह की सेवा में लग गए थे। उनके इंतकाल की खबर सुनकर दिल्ली के द्वारका इलाके से उनके भाई सुरेश कुमार चौहान और रमेश चंद्र चौहान भी आए। उन्होंने बताया कि बचपन में ही उनकी मां की मौत की हो गई थी। तब राजू चौहान की उम्र आठ वर्ष थी। पड़ोस में रहने वाली सितारा बेगम ने राजू को अपने बच्चे की तरह पाला।
बद में एयरफोर्स में स्कूल बस पर नौकरी मिल गई। कुछ समय बाद उन्होंने एयरफोर्स की नौकरी भी छोड़ दी और चाणक्यपुरी में पंच पीर दरगाह पर सेवा करने लगे। करीब 25 साल पहले वह रमजानपुर दरगाह पर आ गए थे। दस वर्ष पूर्व ही मंसूर मियां के इंतकाल के बाद इनको गद्दी सौंपी गई। इसके बाद से ही राजू चौहान से वह रज्जू शाह बन गए। रविवार को उनका पालन पोषण करने वाली मां सितारा बेगम, उनके बेटे अब्दुल अमीन कादरी, अब्दुल हामिद कादरी निवासी चाणक्यपुरी भी दफन में शामिल होने दिल्ली से आए। इस दौरान इलाके की हजारों की भीड़ शामिल हुई। पुलिस भी मौके पर रही। इसके बाद रविवार को ही अफराद मियां उर्फ छोटे मियां को सज्जादानशीं की पगड़ी पहनाकर गद्दी की जिम्मेदारी दी गई।

सज्जादानशीं रज्जू शाह का फाइल फोटो।