Pilibhit News: प्रथम तिलक वशिष्ठ मुनि कीन्हा, पुनि सब विप्रन्ह आयसु दीन्हा

पूरनपुर रामलीला में राम वनगमन से पहले राम लक्ष्मण सीता की आरती करते तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसा
पीलीभीत। रामलीला महोत्सव संचालन समिति के तत्वावधान में चल रही शहर की रामलीला में बृहस्पतिवार को श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला का मंचन हुआ। लीला मंचन के दौरान मुनि वशिष्ठ ने श्रीराम का तिलक किया।
शहर के परमठ मंदिर में लीला मंचन के दौरान दिखाया गया कि श्रीराम अपने भाइयों भरत, शत्रुघ्न से मिलने के बाद अपनी माताओं व गुरु वशिष्ठ से मिलते हैं। अयोध्या वासियों को भक्त हनुमान, सुग्रीव, अगंद, विभीषण, जामवंत से मिलवाते हैं। उसके बाद कुलगुरु वशिष्ठ प्रभु राम के राज्याभिषेक की घोषणा करते हैं। सभी नदियों के जल से जलाभिषेक करने के बाद प्रभु राम व सीता को दिव्य सिंहासन पर बैठाकर उनका तिलक किया जाता है। राज सिंहासन के पास भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, हनुमान, विभीषण, अंगद, सुग्रीव और जामवंत खड़े हुए थे। इस अवसर पर श्रीराम ने सभी को दिव्य आभूषण, वस्त्र आदि प्रदान किए।
माता सीता ने अपनी मोतियों की माला भक्त हनुमान को भेंट की। हनुमान उस माला में प्रभु को खोजते हुए तोड़-तोड़कर देखने लगे। तब विभीषण उनका उपहास करने लगते हैं। ऐसे में हनुमान ने अपनी छाती चीरकर ह्रदय में प्रभु राम व माता सीता के सभी को दर्शन कराए। राज्याभिषेक के दौरान मंदिर परिसर प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर महंत ओमकार नाथ, सुनील मिश्रा, केशव सक्सेना, अमरीश शर्मा, भानुप्रताप सिंह, प्रेम सिंह, नरेश शुक्ला, संजीव शर्मा, संजीव मिश्रा आदि मौजूद रहे।
राजा दशरथ से कैकई ने मांगे दो वरदान, राम वनवास गए
– पूरनपुर में दशरथ मरण, भरत मिलाप की लीला का मंचन आज
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। रामलीला मेला में राजा दशरथ-कैकई संवाद, राम को वनवास की लीला का मंचन किया गया। शाम को नगर में राम वनगमन यात्रा निकली, जिसका कई स्थानों पर फूलवर्षा कर स्वागत किया गया। मेले में शुक्रवार को दशरथ मरण, भरत मिलाप की लीला का मंचन होगा।
बिहार के दरभंगा की नाटक कंपनी के कलाकारों ने मंचन में दिखाया कि राजा दशरथ और देवासुर संग्राम में राजा दशरथ ने कैकेई से दो वरदान मांगने को कहा था। जब राम के राजा बनने के वक्त आता हो तो कैकेई राजा दशरथ से पुराने वरदानों का हवाला देते हुए राम के लिए 14 साल का वनवास और भरत के लिए राजगद्दी मांगती हैं। लीला मंचन के बाद बृहस्पतिवार की शाम को नगर में राम वनगमन यात्रा निकाली गई। यात्रा का कई स्थानों पर फूलवर्षा कर स्वागत किया गया। संवाद
बीसलपुर में रावण वध के साथ हुआ पुतला दहन
– पुतला दहन के बाद हुआ आतिशबाजी का प्रदर्शन
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बीसलपुर। रामलीला मेले में बृहस्पतिवार को अहिरावण और रावण वध लीला का मंचन हुआ। अंतिम दिन होने के कारण लीला देखने काफी संख्या में लोग पहुंचे।
लीला में दर्शाया गया कि रावण के कहने पर पाताल लोक में रह रहे अहिरावण ने रामा दल में वेश बदलकर प्रवेश किया और गहरी नींद में सो रहे राम-लक्ष्मण का अपहरण कर पाताल लोक में ले गया। तब हनुमान राम और लक्ष्मण को सकुशल वापस लेने के लिए पाताल लोक गए और अहिरावण का वध कर राम-लक्ष्मण को कंधे पर बैठाकर रामादल में ले आए।
इसके बाद युद्ध स्थल पर रावण स्वयं युद्ध करने आता है। राम, रावण को बार-बार मार देते हैं, लेकिन रावण अमर होने के कारण हर बार जीवित हो जाता है। तब विभीषण ने राम को रावण की नाभि में अमृत होने की बात बताई। इसके बाद राम ने बाण मारकर पहले रावण की नाभि का अमृत सुखाया, फिर रावण का वध किया। रावण वध के बाद मेला मैदान में रखा रावण का विशाल पुतला आग के हवाले किया जाता है।
इससे पहले रावण के 10 शीश रूपी गुब्बारे हवा में उड़ाए गए। मेला मैदान में आतिशबाजी का शानदार प्रदर्शन किया गया। रावण वध लीला देखने भारी संख्या में भीड़ पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के कई थानों और पुलिस लाइन से फोर्स लगाया गया था।

पूरनपुर रामलीला में राम वनगमन से पहले राम लक्ष्मण सीता की आरती करते तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसा

पूरनपुर रामलीला में राम वनगमन से पहले राम लक्ष्मण सीता की आरती करते तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसा

पूरनपुर रामलीला में राम वनगमन से पहले राम लक्ष्मण सीता की आरती करते तहसीलदार हबीब उर रहमान अंसा



