Pilibhit News: स्कूल बस में जीपीएस नहीं मिला तो निरस्त होगा फिटनेस प्रमाणपत्र
– छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर की जाएगी चेकिंग
संवाद न्यूज एजेंसी।
पीलीभीत। छात्र-छात्राओं को घर से स्कूल व स्कूल से घर पहुंचाने के लिए निजी स्कूलों की बसों में जीपीएस न होने पर वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग के अफसर चेकिंग करेंगे।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए थे कि बसों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशन सिस्टम) नहीं लगवाया है, तो इसे लगवा लें। जिससे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा में कोई भी चूक न हो। इसके अलावा बसों में स्पीड कंट्रोलर और फायर सेफ्टी सिलिंडर समेत सीसीटीवी कैमरे भी लगवाने के निर्देश दिए गए थे।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2023-24 में इसे अनिवार्य किया गया है। ऐसे में परिवहन विभाग भी सतर्क हो गया है। एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल की बसों को फिटनेस प्रमाण पत्र देने से पूर्व यह देखा जाएगा कि उसमें जीपीएस लगा है या नहीं। साथ ही जो फिटनेस प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं, उन वाहनों के मालिकों को भी जीपीएस लगाने के लिए कहा जाएगा।
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इसलिए जरूरी है जीपीएस
जीपीएस इसलिए अनिवार्य किया गया है कि स्कूल प्रबंधन को यह जानकारी रहे कि जिस बस में बच्चे बैठकर जा रहे हैं उसकी गति क्या है। चालक तेज गति से तो वाहन नहीं चला रहा।
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स्कूल प्रबंधक भी देंगे जवाब
एआरटीओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल की बस तेज गति से चलने की जानकारी पर जीपीएस को चेक किया जाएगा। साथ ही 40 किमी प्रति घंटा से ज्यादा गति होने पर दो हजार रुपये का चालान होगा, साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधक को नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा।