Pilibhit News: पुलिस की राइफल लूटने वाले गिरोह के सरगना को पांच वर्ष की सजा
पीलीभीत। गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप करने के मामले में विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चंद्रमोहन मिश्र ने दोषी गैंगस्टर सामा को पांच वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सामा के गिरोह ने वर्ष 2012 में पुलिस की राइफल लूट ली थी।
छह दिसंबर 2012 को एसएचओ बीसलपुर विजय सिंह यादव क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। तब उन्हें पता चला कि सामा निवासी ग्राम कितनापुर थाना बीसलपुर व उसके साथी लल्लू निवासी शेखापुर, थाना भुता बरेली के अलावा अहसान, फरियाद, देवदत्त निवासीगण कितनापुर, यासीन, निवासी जसोली दिवाली, अकील उर्फ रंगीला निवासी मीरपुर वाहनपुर गैंग चला रहे हैं।
लल्लू को छोड़कर सभी बीसलपुर थाना क्षेत्र के हैं। इलाके में इनका आतंक है। सामा गैंग लीडर है। इस गैंग ने 18 जुलाई 2012 की रात्रि में देवहा नदी पुल के पास पिकेट डियूटी में तैनात सिपाही गिरीश पाल सिंह एवं होमगार्ड पूरनलाल को घेरकर उनकी सरकारी राइफल व कारतूस लूट लिए थे। विरोध पर जान से मारने की नियत से गोली मारकर घायल कर दिया। इसका मुकदमा पंजीकृत हैं। इस गैंग का इतना आतंक व भय है कि कोई गवाही देने की हिम्मत नहीं करता।
विवेचना के बाद सभी के खिलाफ 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। अभियुक्त सामा ने पत्रावली से स्वयं की पत्रावली पृथक कर अपने जुर्म को स्वीकार करने का प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय में सुनवाई के बाद दोषी सामा को पांच वर्ष कैद सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ला ने की।