Pilibhit News: गेहूं की सरकारी खरीद एक फीसदी भी नहीं
सरकार ने खरीदा पांच हजार तो मंडी में बिक गया एक लाख क्विंटल गेहूं
शासन ने दिया है 2.31 लाख एमटी खरीद का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिले में शुरुआत से ही गेहूं खरीद पर ग्रहण लग गया। बाजार का भाव अधिक होने के कारण सरकारी केंद्रों पर आवक नाममात्र की रही। अब मोबाइल खरीद के बावजूद सरकारी गोदाम नहीं भर पा रहे हैं। आलम यह है कि जिले में अब तक सरकारी केंद्रों पर मात्र पांच हजार क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी है, जो कि लक्ष्य का .5 फीसदी है। जबकि मंडी में एक लाख क्विंटल गेहूं बिक चुका है।
जिले में पहली अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू की गई थी। शासन ने इस बार किसानों के लिए 2125 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया। शुरुआती दौर से ही जिले मेें सरकारी गेहूं खरीद दम तोड़ती दिखाई दी। केंद्रों से किसानों की दूरी बनी रही, जबकि खुली बोली में किसान अपना गेहूं बेचते रहे।
आंकड़ों की बात करें तो जिले में सरकारी केंद्रों पर अब तक 5000 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है, जबकि मंडी में खुली बोली में अब तक एक लाख क्विंटल से अधिक गेहूं बिक चुका है। यही नहीं मंडी में खुले सरकारी केंद्रों पर बीते करीब बीस दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। ऐसे में शत प्रतिशत खरीद के लिए अभी हाल में ही प्रशासन ने मोबाइल क्रय योजना को शुरू किया है। इस योजना में गांव के प्रधानों के अलावा सचिवों और लेखपालों को लगाया गया है। इसके बाद भी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
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शासन ने तय किया है 2.31 लाख एमटी का लक्ष्य
शासन ने जिले को गेहूं खरीद के लिए 2.31 लाख एमटी का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य के सापेक्ष खरीद कराने में प्रशासन का पसीना छूट रहा है। हर जतन करने के बाद भी अब तक जिले में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र .5 फीसदी की खरीद हो सकी है। ऐसे में अधिकारी और कर्मचारी केंद्रों को छोड़कर गांवों की ओर भाग रहे हैं।
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बाजार में मिल रहा शासन से कहीं अधिक भाव
शासन ने इस बार सरकारी भाव 2125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। यह भाव किसानों को रास नहीं आया। कारण यह कि सरकारी केंद्रों पर बिक्री के लिए पंजीकरण और सत्यापन के फेर में किसान परेशान रहे, उधर बाजार का भाव बिना किसी झंझट के अच्छा मिल गया। इसपर किसानों ने सरकार के केंद्र से दूरी को बना ली। इस सीजन में मंडी में किसानों का गेहूं 23 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक खरीदा गया है।
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भाव बढ़ने की संभावना से किसानों ने स्टाॅक किया गेहूं
मौजूदा समय में बाजार में गेहूं का भाव 23 सौ रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है। जो कि शासन के तय भाव से कहीं अधिक है। इस भाव की बढोतरी होने की किसान संभावना जता रहे हैं। इसके चलते बचा हुआ गेहूं घरों में ही स्टॉक कर लिया गया है। इसके चलते गांवों में टीमों के जाने के बाद भी गेहूं सरकार के खाते में नहीं जा पा रहा है।
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जिले को इस बार 2.31 लाख एमटी का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष मात्र 0.5 फीसदी ही खरीद हो सकी है। खरीद को बढ़ाने के लिए टीमें गांवों में घूम रहीं है। बाजार में भाव अधिक चलने के कारण अधिकांश किसानों ने गेहूं का स्टॉक कर लिया है।
– वीके शुक्ला, डिप्टी आरएमओ