Pilibhit News: जिला अस्पताल में लाचार तीमारदार

जिला अस्पताल के बरामदे में खड़े तीमारदार पंखे के लिए लगा रॉड। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों के तीमारदार परेशान हैं। मच्छरों के प्रकोप से दिन में भी उनको राहत नहीं मिल रही है। रात में उनकी दिक्कत और भी बढ़ जाती है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इन तीमारदारों के लिए पंखे तक नहीं लगवाए गए हैं। हालांकि अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, लेकिन उनकी देखभाल करने वाले करीबी दुश्वारियों से जूझ रहे हैं।
जिला अस्पताल के सभी वार्डों में करीब 150 मरीज भर्ती हैं। इनकी देखभाल करने के लिए नर्सिंग स्टाफ के अलावा प्रति मरीज के पास एक से दो लोग बतौर तीमारदार रहते हैं। प्रत्येक छह बेड के वार्ड में चार-चार छत के पंखे लगे होने से मरीजों को तो कोई परेशानी नहीं होती है। लेकिन तीमारदारों को वार्डों के बाहर बरामदे में बैठने या लेटने को कहा जाता है।
इन बरामदों में पंखे तक नहीं हैं। इसके चलते दिन में भी मच्छर इन्हें परेशान करते हैं। बरामदे में पंखे के लिए हुक तो लगे हुए हैं, कहीं-कहीं रॉड भी लग हैं, लेकिन पंखे नहीं हैं। रविवार को कई तीमारदारों ने अपना दर्द बयां किया। अस्पताल के नियमों के मुताबिक महिला वार्ड से पुरुष तीमारदारों को रात में बाहर रहने के लिए कहा जाता, अन्य वार्डों में मरीज के पास एक ही तीमारदार के रुकने की इजाजत है।
तीमारदारों की जुबानी
मेरा मरीज महिला वार्ड में भर्ती है। रात में स्टाफ की ओर से कहा गया कि आप पुरुष हैं। इसलिए महिला वार्ड में नहीं ठहर सकते बाहर बरामदे में रुक जाइए। रात में मच्छरों ने परेशान कर लिया। पंखा भी नहीं था, इसलिए गर्मी भी लगी। -अशफाक, न्यूरिया
मेरा मरीज हड्डी वार्ड में दो दिन से भर्ती है। माताजी भी साथ में हैं, इसलिए वह वार्ड में भर्ती भाई के पास रुक जाती हैं। मुझे बरामदे में ही सोना पड़ता है। यहां पर पंखा तो नहीं लगा लेकिन रॉड टंगा हुआ है। ऐसे में मच्छर परेशान करते हैं। – अंकित, पूरनपुर
जल्द होगी व्यवस्था
संज्ञान में आया है। मरीजों के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं, जिससे किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो। तीमारदार जहां पर ठहरते हैं, वहां के लिए इंतजाम कराया जा रहा है। जल्द ही ये असुविधा भी करा दी जाएगी। – डॉ संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज।