Pilibhit News: रोडवेज बसों में करना है सफर तो कंबल साथ लेकर चलें


रोडवेज बस में टूटा खिड़की का शीशा । संवाद
पीलीभीत। परिवहन विभाग के तमाम दावों के बाद भी रोडवेज बसों की हालत नहीं सुधर रही है। सर्दियों के मौसम में रात में रोडवेज बसों में सफर के दौरान यात्री ठंड से ठिठुरने को मजबूर हैं। दरअसल अधिकतर बसों के खिड़कियों में शीशों के लॉक खराब हैं तो कई के लॉक टूटे होने के कारण शीशे इस कदर जाम हैं जो टस से मस नहीं होते। ऐसे में रात में ठंडी हवा के बीच यात्रियों को यात्रा करना पड़ रही है।
स्थानीय डिपो से कुल 102 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें नौ अनुबंधित बसें हैं। सर्दी ने अब असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम ठंड के साथ ही हल्की धुंध भी पड़ने लगी है। बावजूद इसके रोडवेज बसों में तैयारी आधी-अधूरी है। बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए हैं। अधिकतर की सीटें खस्ताहाल हैं।
सीटों के नट खुलने के कारण सभी हिलती हैं। जबकि कवर फटे होने के कारण उन पर बैठना भी मुश्किल हो जाता है। रोडवेज की कई बसों में शीशों के लॉक खराब होने के कारण खिड़की खुली रहती है। ऐसे में ठंड के मौसम में रात का सफर तय करने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
यही नहीं रोडवेज की बसों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र लगाए जाने के आदेश हैं लेकिन अधिकतर में लगे अग्निशमन यंत्र एक्सपायर हो चुके हैं।
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बसों में जुगाड़ से बजाए जा रहे हार्न
डिपो की बसों को सही करने के लिए विभाग से बजट भेजा जाता है। मगर बसों के रखरखाव करने के नाम पर जुगाड़बाजी की जाती है। अधिकतर बसों में हार्न की फिटिंग ठीक नहीं है जुगाड़बाजी कर किसी तरह से हार्न बजाए जाते हैं। फर्स्ट एड बॉक्स भी किसी बस में दिखाई नहीं देता।
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सही बसों को ही रूट पर भेजा जा रहा है। जिससे यात्रियों को रास्ते में कोई समस्या न हो। इसके अलावा किसी बस की स्थिति अगर खराब है तो उसे दिखवाकर सही कराया जाता है।
– पवन कुमार श्रीवास्तव एआरएम

रोडवेज बस में टूटा खिड़की का शीशा । संवाद