Pilibhit News: प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद
पीलीभीत। प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राकेश वशिष्ठ ने राकेश पांडेय और कपिल पांडेय को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 40-40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पूरनपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला साहूकारा निवासी रामचन्द्र लाल वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनका पुत्र दीपक वर्मा उर्फ दीपू चार दिसंबर 2011 को रात करीब 8.30 बजे बाइक से मिठाई लेने बाजार गया था। इसके बाद घर नहीं लौटा। खोजबीन की लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन सुबह पांच बजे दीपू की बाइक दरवाजे पर खड़ी मिली। कुछ देर बाद फोन पर कॉल आई। कहा गया कि कानूनी कार्रवाई मत करना, उनका बेटा वापस आ जाएगा।
इस पर परिवार के लोग अनहोनी की आशंका से दीपू की तलाश में जुट गए। पुलिस को भी घटना की तहरीर दे दी। छह दिसंबर 2011 को सुबह साहूकारा निवासी सुनील वर्मा ने बताया कि दीपू को उसने दिनेश पांडेय निवासी पिपरिया जयभद्र और कपिल पांडेय निवासी ग्राम देवीपुर के साथ जाते देखा था। इसकी तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस दिनेश पांडेय के घर पहुंची तो वहां दिनेश के साथ अवधेश पांडेय, राकेश पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, हाल निवासी सीताराम मन्दिर पूरनपुर व कपिल पांडेय निवासी ग्राम देवीपुर मिले।
पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो दिनेश ने बताया कि दीपक की हत्या कर खेत के पास गड्ढे में शव दवा दिया है। पुलिस ने गड्ढे से शव बरामद कर लिया। इस बीच मौका पाकर धर्मेन्द्र और कपिल भाग गया। पुलिस ने विवेचना के बाद राकेश और कपिल के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
प्रेम प्रसंग की वजह से हुई थी दीपक की हत्या
पुलिस को पूछताछ में राकेश ने बताया कि उसकी भतीजी और दीपक के बीच संबंध थे। परिवार का बदनामी होने की वजह से दीपक को घर बुलवाया और उसके दोनों हाथ बांध दिए। पिटाई करने के बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद राकेश और कपिल को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नरेंद्र कुमार गंगवार ने की।



