Pilibhit News: जिला अस्पताल के रैन बसेरे में ताला… कहां रात बिताएं तीमारदार

जिला अस्पताल के रैन बसेरे के अंदर का दृश्य। संवाद
पीलीभीत। जिला अस्पताल में तीमारदारों को रात में ठहरने के लिए बनवाया गया रैन बसेरा बेमतलब साबित हो रहा है। एक साल से इसमें ताला पड़ा है। रैन बसेरा बना भी ऐसे स्थान पर है, जहां जल्दी लोगों की नजर उस पर नहीं पहुंच पाती है। कोई बोर्ड या संकेतक भी नहीं लगवाया गया है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को रात में ठहरने के लिए 10 वर्ष पूर्व ये रैन बसेरा बनवाया गया था। कोरोना महामारी के दौरान इसके सामने ऑक्सीजन प्लांट बनवा दिया गया। ऐसे में यह दूर से देखने पर नजर ही नहीं आता है। इसके साथ ही जो बोर्ड लगाए गए थे, वे भी हटा दिए गए। करीब एक साल से रैन बसेरे का ताला ही नहीं खोला गया है। इसमें पड़े बेड भी खस्ता हाल हो गए हैं। लंबे समय से साफ-सफाई न हाेने के कारण धूल और मकड़ी के जालों की भरमार है। जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
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न पानी का बंदोबस्त और न शौचालय दुरुस्त
रैन बसेरे के आसपास पेयजल की सुविधा तक नहीं है। शौचालय भी खराब हो चुके हैं। ऐसे में यदि इसे खोल भी दिया जाए तो भी इसे उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। हालांकि जिम्मेदारों की ओर से अभी इस समस्या को हल करने की कोई पहल नहीं हो रही है।
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पास में ही शवगृह होना भी कष्टदायी
रैन बसेरे के पास ही शवगृह है। निर्माण के बाद जब रेन बसेरे को खोला गया था तब भी तीमारदार पड़ोस में शवगृह होने के कारण यहां ठहरने से कतराते थे।
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सर्दियों में सुधरेंगे हालात
रैन बसेरे में गर्मी में लोग ठहरते ही नहीं हैं। वहां क्या व्यवस्थाएं और इंतजाम हैं, इसका पता कराया जाएगा। अव्यवस्थाएं दूर कराई जाएंगी। सर्दियों में इसे खोला जाएगा। – डाॅ. संजीव सक्सेना, कार्यवाहक प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

जिला अस्पताल के रैन बसेरे के अंदर का दृश्य। संवाद