Pilibhit News: दिवाली के बाद ओपीडी एक हजार के पार

मेडिकल कॉलेज में पर्चा बनवाने के लिए लगी लाइन । संवाद
पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज में पिछले एक सप्ताह की अपेक्षा सोमवार को मरीजों की संख्या में इजाफा देखने को मिला। मरीजों का आंकड़ा एक हजार के पार पहुंच गया। दवा लेने आए अधिकांश मरीज बुखार, जुकाम, खांसी व सिरदर्द आदि से पीड़ित थे।
सोमवार सुबह आठ बजे मेडिकल कॉलेज खुलते ही पर्चा काउंटर पर मरीजों की लाइन लग गई, जो दोपहर 12 बजे तक लगी रही। पर्चा काउंटर पर घंटों लाइन में लगने के बाद ओपीडी में भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर को अपनी समस्या बताने के बाद मरीजों को दवा काउंटर पर भी धक्के खाने पड़े।
यहां बता दें कि दिवाली के आसपास आंकड़ा एक हजार से घटकर आठ सौ तक आ गया था। इससे पहले मेडिकल कॉलेज में 15 से 18 सौ मरीज पहुंच रहे थे। सोमवार को एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ गई। सोमवार को 1040 मरीज जिला अस्पताल पहुंचे, जिसमें 240 मरीजोें ने सिर्फ जांच कराई। इसके अलावा शेष मरीजों को सात डॉक्टरों ने देखा। इनमें डॉ. रितिका अग्रवाल, रमाकांत सागर, डॉ. एसके चावला, डॉ. आजाद, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. विकास एवं डॉ. नीता सक्सेना ने मरीज देखे।
डॉक्टर की कैंप में ड्यूटी, परेशान हुए कान, नाक और गला के मरीज
मेडिकल कॉलेज में मात्र एक ही ईएनटी डॉ. प्रवीन कुमार हैं, जिनकी ड्यूटी सोमवार को दिव्यांगों के कैंप में लगा दी गई। इसकी वजह से वह ओपीडी नहीं कर पाए। ऐसे में कान, नाक और गला रोग से पीड़ित काफी मरीजों को बिना दवा लिए ही लौटना पड़ा। इसके अलावा फिजिशियन जूनियर डाक्टर मनीष अवकाश पर थे। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 90 से 100 मरीज ईएनटी से संबंधित आते हैं। जूनियर व सीनियर मिलाकर सात डॉक्टरों ने ओपीडी निपटाई।
37 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू
मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में शेष 37 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसमें छह प्रोफेसर, 11 एसोसिएट प्रोफेसर और 20 असिस्टेंट प्रोफेसर पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही और डाक्टर आएंगे, जिससे व्यवस्था में सुधार आएगा।