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Pilibhit News: पीलीभीत टाइगर रिजर्व को मिली देश-विदेश में पहचान

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Pilibhit Tiger Reserve got recognition in India and abroad

टाइगर रिजर्व में वितरण करता बाघ। संवाद

टाइगर रिजर्व के नौ साल : पीलीभीत के पर्यटन को मिली संजीवनी

संवाद न्यूज एजेंसी

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) का अनुकूल वातावरण बाघ और अन्य वन्यजीवों के लिए काफी मुफीद साबित हुआ है, इससे बाघों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। यही वजह है कि यह देश और विदेश में पहचान बनाए हुए है।

नौ जून को टाइगर रिजर्व (पीटीआर) की स्थापना के नौ साल पूरे हो गए। इस अंतराल में पीटीआर बाघों की संख्या को लेकर काफी सुर्खियों में रहा। इस दौरान टाइगर एक्स टू अवाॅर्ड से भी नवाजा गया। यहां बता दें कि बाघ संरक्षण के नाम पर 9 जून 2014 को पीलीभीत के जंगलों को टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था।

72 हजार वर्ग हेक्टेयर में फैला पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल पांच वन रेंजों में बंटा हुआ है। इनमें से बराही, महोफ, माला रेंज के बाहर वन्यजीवों की अधिक सक्रियता रहती है। जंगल का अनुकूल वातावरण बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के लिए काफी मुफीद है। नतीजतन जंगल में बाघों का कुनबा भी बढ़ा है। सन 2014 में जहां 28 बाघ थे जो 2022 तक बढ़कर 65 हो गए हैं।

इस दौरान संख्या बढ़ने की वाहवाही के बीच बाघों की असमय हुई मौतों से उनकी सुरक्षा पर सवालिया निशान भी लगते रहे हैं तो टाइगर रिजर्व बनने के बाद से अब तक बाघों के हमले में करीब 39 लोग जान भी गंवा चुके हैं।

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पीटीआर बनने से बढ़ गया पर्यटन

पीटीआर बनने का सबसे ज्यादा फायदा अगर कुछ हुआ है तो वह यह कि यहां पर्यटन खासा विकसित हो गया है। साल दर साल यहां पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। विदेशों तक से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इस बार करीब 20 हजार पर्यटक यहां आ चुके हैं। पीटीआर आने वाले पर्यटक चूका बीच घूमने जाते हैं।

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रेस्क्यू सेंटर को मिली मंजूरी

बाघ और तेंदुए समेत अन्य वन्यजीवों को आपात स्थिति में इलाज मुहैया कराने से लेकर अन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शासन ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व को टाइगर रेस्क्यू सेंटर की मंजूरी दी है। पूरनपुर क्षेत्र में रेस्क्यू सेंटर का दो माह पूर्व निर्माण भी शुरू किया गया है, लेकिन इसे धरातल पर उतरने में अभी समय लगेगा।

पीटीआर में वन्यजीवों की संख्या

गुलदार / तेंदुआ 101, फिशिंग कैट 109, पाड़ा 2000, चौसिंघा 110, वनरोज 7077, सांभर 649, चीतल 28257, बारहसिंघा 1431, काकड़ 785, भालू 190, जंगली सुअर 18900, मोर 5008, जंगली बिल्ली 326, सेही 1050, गोह 1035

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए प्रयास जारी हैं। बाघों और अन्य वन्य जीवों की संख्या में इजाफा हुआ है।

-नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर

टाइगर रिजर्व में वितरण करता बाघ। संवाद

टाइगर रिजर्व में वितरण करता बाघ। संवाद


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