Pilibhit News: प्रधान और सचिव ने ठिकाने लगाया सरकारी धन, अब की जाएगी वसूली
– ग्रामीणों की शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम ने गांव जाकर की थी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। ललौरीखेड़ा ब्लॉक के गांव शाही में विकास कार्यों के नाम पर प्रधान और तत्कालीन सचिव ने लाखों रुपये ठिकाने लगा दिए। शिकायत के बाद जांच में पुष्टि होने के बाद अब वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत शाही में विकास कार्यों के नाम पर धनराशि का गबन करने और अनियमितताएं होने की गांव के ही चेतराम सहित कई लोगों ने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की थी।
शिकायतकर्ता ने गांव में कार्यों को लेकर 32 बिंदुओं पर जांच कराए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि ग्राम प्रधान द्वारा संस्थागत छात्र को मनरेगा श्रमिक बताते हुए उससे छह दिन का कार्य करवा लिया और भुगतान भी निकाल लिया गया। इसके अलावा स्ट्रीट लाइट, इंटरलाॅकिंग सडक, तालाब, नाली निर्माण सहित अन्य कार्यों में भी फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के बाद तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई थी। जांच कमेटी ने गांव जाकर मामले की सभी बिंदुओं पर जांच की। छात्र का नाम मनरेगा में दिखाने का आरोप सही पाया गया। इसमें उस दिन की जब पड़ताल हुई तो छात्र की कॉलेज में मौजूदगी के प्रमाण मिले। इसके अलावा सीसी रोड निर्माण में नाली के बैंड और गिट्टी में घपले का मामला भी सही पाया गया।
वर्ष 2007- 08 में नाली बनी हुई थी, जिसकी मरम्मत 2017-18 हो हुई थी। इसे नया दिखाकर भुगतान किया गया था। ऐसे में 8281 रुपये की वसूली योग पाए गए। नाली में मिट्टी कार्य के लिए 9388 रुपयों का घपला सामने आया। ऐसे में अब जांच टीम ने वसूली की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट अफसरों को सौंपी है। टीम ने इसमें प्रधान और तत्कालीन सचिव से वसूली करने की सिफारिश की है।
इसमें कार्यों के नाम पर 309251 रुपये की रिकवरी कराने की बात कही गई है। मुख्य विकास अधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं ने रिपोर्ट के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट जिला पंचायत राज अधिकारी के पास है। उनके स्तर से इसमें कार्रवाई होगी।