Pilibhit News: प्रधान बोले- भुगतान पर लिया जा रहा 11 प्रतिशत कमीशन

पूरनपुर में खंड विकास अधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते प्रधान और प्रतिनिधि । संवाद
पूरनपुर। मनरेगा कार्यों के भुगतान में कमीशन खोरी के विरोध में प्रदर्शन के लिए शनिवार को ब्लॉक कार्यालय में एकत्र हुए प्रधान दो फाड़ हो गए। कुछ प्रधान प्रदर्शन को तैयार नहीं हुए। जबकि कुछ ने अखिल भारतीय प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश पाल के नेतृत्व में हंगामा कर प्रदर्शन किया। उन्होंने भुगतान में 11 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया। बाद में खंड विकास अधिकारी ने प्रधानों से वार्ता की। कहा, अगर किसी के साथ कुछ गलत हो रहा है तो इसकी जानकारी दें।
हंगामा कर रहे प्रधानों और उनके प्रतिनिधियों का कहना था कि ब्लाक कार्यालय में कुछ दिनों से भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। अब भुगतान से पहले ही कमीशन मांगा जा रहा है। मनरेगा का भुगतान एक होटल में बैठकर ठेकेदारों और कुछ प्रधानों को मैनेज करने के बाद 65 लाख रुपये की उगाही के बाद कराया गया। कुछ भुगतान तो जिले की जगह लखीमपुर खीरी में पहुुुंचकर लगवाया गया। इसकी जांच हो।
आरोप है कि विकास को कराए जा रहे भुगतानों पर अब 11 से 18 प्रतिशत तक कमीशन की मांग की जा रही है। विरोध करने पर अफसर जांच का हौवा दिखाकर प्रताडि़त करने के साथ विकास में बाधा डाल रहे है। प्रदर्शनकारी प्रधानों का आरोप था कि कमीशन खोरी के विरोध में खंड विकास अधिकारी से मिलने पर उन्होंने सबके मोबाइलों को पहले बंद करा दिया। एक प्रधान ने तो हंगामा के दौरान एक अफसर पर पहले 11 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप लगाया।
भारी हंगामा होने पर पहुंचे खंड विकास अधिकारी अरुण सिंह ने ब्लाक सभागार में प्रधानों के साथ बैठकर उनकी समस्या सुनी और सभी प्रधानों को एक समान मानने और एक समान सभी पंचायतों में विकास कराने का आश्वासन दिया। कहा कि अगर किसी के साथ कुछ गड़बड़ हो रहा है। तब इसकी जानकारी उनको दें। वार्ता के दौरान सिरसा के प्रधान, रंपुरा फकीरे और गोपालपुर के प्रधान प्रतिनिधि ने कमीशन खोरी के चलते विकास कार्यों की फाइलों को रुकवाने का आरोप लगाया।
०००००००००००
कुछ ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्य प्रधान मनमाने ढंग से कराना चाहते हैं। इसका विरोध करने और गलत तरीके से काम न होने देने पर प्रधान बेबुनियाद आरोप लगाकर हंगामा कर रहे थे। उनको समझा दिया गया कि सही और नियमानुसार ही काम कराए जाएंगे। – अरुण कुमार सिंह, बीडीओ