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Pilibhit News: किसानों को रुला रही पूरनपुर की चीनी मिल

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Puranpur's sugar mill is making farmers cry

पूरनपुर की चीनी मिल । संवाद

– चार दिन में महज चार बार ही चल सकी, बृहस्पतिवार को नोकेन में रही बंद

– 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन क्षमता, चार दिन में पेर सकी महज 21161 क्विंटल गन्ना

संवाद न्यूज एजेंसी

पूरनपुर। दि किसान सहकारी चीनी मिल इस बार गन्ना किसानों को खूब रुला रही है। मिल बार-बार बंद हो रही है। तकनीकी खराबी बताकर मिल के जीएम पल्ला झाड़ ले रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी नोकेन में चीनी मिल बंद रही। हाल यह है कि जिस चीनी मिल की क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन पेराई की है वह पिछले चार दिन में महज 21161 क्विंटल गन्ना पेर पाई है। ऐसे में मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले क्षेत्र के करीब 15 हजार किसान परेशान है।

पूरनपुर की चीनी मिल इस बार समय से शुरू नहीं हो सकी। नियमानुसार चीनी मिल को 15 नवंबर को शुरू हो जाना चाहिए था लेकिन 28 नवंबर को पटला पूजन हुआ और बताया गया कि चीनी मिल एक दिसंबर को चलेगी।

एक दिसंबर को चीनी मिल के न चलने पर दो दिसंबर को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। तब कहा गया कि चार दिसंबर को मिल चल जाएगी। चार दिसंबर की रात को चीनी मिल चली लेकिन दो-तीन घंटे चलकर बंद हो गई।

पांच दिसंबर को फिर मिल चली लेकिन फिर तीन फॉल्ट हो गए। इसमें प्रेशर डाउन होना, मोटर फुंकना आदि कारण बताए गए। छह दिसंबर को मिल चली तो आरबीसी चेन टूटने के कारण फिर बंद हो गई। जैसे-तैसे खराबी ठीक करके शाम को मिल चलाई गई।

इसके बाद 7 दिसंबर की सुबह नौ बजे चीनी मिल नोकेन में बंद कर दिया गया। यह हाल तब है जब पूरनपुर चीनी मिल क्षेत्र में 6266.854 हेक्टेयर जमीन पर गन्ने की फसल खड़ी है।

किसानों का हो रहा चीनी मिल से मोहभंग

चीनी मिल 89,856 क्विंटल गन्ने का इंडेंट गन्ना समिति को भेज चुकी है। जिसके सापेक्ष चीनी मिल को अब तक 21161 क्विंटल गन्ना ही मिला है। हैरतअंगेज बात यह है कि सीजन की शुरुआत में चीनी मिल को 68695 क्विंटल गन्ना नहीं मिल सका। बताया जा रहा है कि चीनी मिल बार-बार बंद होने के कारण किसानों का मोहभंग हो रहा है। वह मिल को गन्ना नहीं देना चाह रहे। चीनी मिल को क्षेत्र के करीब 14693 किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। हालात खराब होते देख चीनी मिल चलाने को प्रबंधक की ओर से बृहस्पतिवार 15 हजार क्विंटल का स्पेशल गन्ना सप्लाई इंडेंट सहकारी गन्ना समिति को भेजा गया है।

औने-पौने दामों पर कोल्हुओं पर गन्ना बेच रहे हैं किसान

खेत में गन्ना खड़ा होने के कारण गेहूं की बुआई नहीं हो पा रही। बुआई का समय निकला जा रहा है। खेत खाली करने के लिए किसान औने-पौने दामों में कोल्हुओं पर गन्ना बेच रहे हैं। सामान्य प्रजाति का गन्ना 340 रुपये व अगौती गन्ना 350 रुपये क्विंटल चीनी मिल खरीदती है, लेकिन मजबूरी में किसान 50 से 100 रुपये प्रति क्विंटल कम में कोल्हुओं पर गन्ना बेचकर खेत खाली कर रहे हैं। जिससे वे समय से गेहूं बो सकें।


किसानों का दर्द

चीनी मिल देर से चलने के जिम्मेदार चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक हैं। ऐसे में समय से मिल न चलने पर गन्ना काटकर कई किसान गेहूं की बुआई अब तक नहीं कर सके हैं। ऐसे में किसानों को गन्ना काटकर औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।

-स्वराज सिंह, भाकियू नेता


मिल के देरी से चलने पर गन्ना किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों के नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर शीघ्र ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अफसरों को सौंपा जाएगा।

– मंजीत सिंह, भाकियू नेता


मिल के देर से चलने पर पेड़ी गन्ना काटकर गेहूं की बुआई नहीं कर सके। अब तक कोई भी गन्ना सप्लाई पर्ची नहीं मिली है। सरकार किसानों की आमदनी दोगुनी करने का तर्क दे रही है। मगर सरकारी सिस्टम सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा है।

– तरसेम सिंह, उदयकरनपुर


चीनी मिल न चलने पर औने-पौने दामों पर गन्ना कोल्हुओं पर बेचना पड़ा। अभी खेतों में गन्ना खड़ा है जबकि गेहूं बुआई का समय निकला जा रहा है। गन्ने की सप्लाई पर्ची कब मिलेगी कुछ पता नहीं।

– सोहनलाल, प्रसादपुर


चूंकि छह-सात महीने मिल बंद रहती है इस कारण शुरुआत में कुछ फाॅल्ट होते ही हैं। गन्ना सप्लाई के लिए पर्याप्त इंडेंट भी जारी किया जा रहा है, मगर किसान गन्ना लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। किसानों से गन्ना मंगवाने को क्षेत्र में एनाउंस भी कराया गया। मोबाइल पर भी किसानों से गन्ना लाने को कहा गया है।

– रमाकांत वर्मा, जीएम चीनी मिल

पूरनपुर की चीनी मिल । संवाद

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पूरनपुर की चीनी मिल । संवाद

पूरनपुर की चीनी मिल । संवाद

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