Pilibhit News: बनबसा बैराज से 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से और उफनाई शारदा

कलीनगर क्षेत्र में उफनाई शारदा नदी। संवाद
कलीनगर। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं। बृहस्पतिवार सुबह बनबसा बैराज से शारदा में 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे देर शाम कलीनगर क्षेत्र में नौजल्हा नंबर एक और दो समेत कई गांव बाढ़ की जद में आ गए हैं। नदी तेजी से कटान करती हुई आबादी की ओर बढ़ रही है। नदी का रौद्ररूप देख ग्रामीण भयभीत हैं। सिंचाई विभाग की ओर से कराए जा रहे बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं।
जिले में शारदा नदी से बाढ़ का अधिक खतरा रहता है। कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र के 30 से अधिक गांव हर साल प्रभावित होते हैं। सबसे अधिक खतरा कलीनगर तहसील के शारदा के तटवर्ती गांवों को रहता है। इसकी वजह यह है कि नेपाल से प्रवेश के बाद पानी का प्रवाह अधिक होने से नदी नौजल्हा नंबर एक, दो के अलावा कई गांवों की सीमा में कृषि भूमि के साथ आबादी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाती है।
आबादी को सुरक्षित रखने के नाम पर शारदा सागर और बाढ़ खंड की ओर से हर साल पुराने कार्यों के स्थान पर करोड़ों रुपये के बचाव कार्य कराएं जाते हैं, लेकिन लापरवाही के चलते ये नदी की भेंट चढ़ जाते हैं। इस बार भी क्षेत्र को सुरक्षित रखने के नाम पर कराए गए कार्यों में औपचारिकताएं निभाई गईं। जुलाई का तीसरा सप्ताह शुरू होते ही नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। बृहस्पतिवार को बनबसा बैराज से करीब 34 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। उफनाई शारदा नदी की धार ने नौजल्हा नंबर एक में कुछ स्थानों पर कटान शुरू कर दिया है।
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नेपाल के कई नदी-नालों के मिलने से बढ़ जाता है शारदा का जलस्तर
शारदा नदी जनपद की सीमा में प्रवेश से पूर्व नेपाल में महाकाली के नाम से जानी जाती है। नेपाल में कई नालों का पानी भी इसमें मिलता है। इसकी वजह से जनपद की सीमा में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। जनपद की सीमा में नदी की चौड़ाई भी अधिक है।
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वर्जन
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा है। कटान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कई स्थानों पर काम भी कराएं जा रहे हैं। – ध्रुव नारायण शुक्ला, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड

कलीनगर क्षेत्र में उफनाई शारदा नदी। संवाद