Pilibhit News: फजीहत के बाद मानव संपदा पोर्टल से हटाया मृतक अनुदेशक का नाम
पीलीभीत। मृतक अनुदेशक का नवीनीकरण और तबादला करने से हुई फजीहत के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने अनुदेशक का नाम मानव संपदा पोर्टल से हटा दिया है। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेज दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही हाल ही में अनुदेशकों के नवीनीकरण की सूची से सामने आई थी। सूची में बिना आवेदन किए ही छह अनुदेशकों का नवीनीकरण कर दिया गया था। इनमें बीसलपुर क्षेत्र के अनुदेशक हरीश कुमार गंगवार का भी नाम शामिल था, जबकि उनकी सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। सूची की जांच पड़ताल किए बिना ही बीएसए ने हरीश का दूसरे स्कूल में तबादला भी कर दिया।
मामला खुला तो अधिकारियों की खासी फजीहत हुई। इसके बाद ने एक-दूसरे पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ने लगे। बीसलपुर के बीईओ नीरज शुक्ला का जवाब भी तलब किया गया। अधिकारी खुद को बचाने के लिए इसे पोर्टल की गड़बड़ी बताने लगे थे। अब मृतक अनुदेशक का नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। इसकी रिपोर्ट भी राज्य शिक्षा परियोजना कार्यालय को भेज दी गई है।
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जांच हो तो खुल जाएगी लापरवाही की पोल
सवाल यह है कि बिना आवेदन किए ही आखिर से पोर्टल से छह अनुदेशकों के नाम नवीनीकरण की सूची में किसने और क्यों शामिल किए। जब सूची आई तो स्थानीय स्तर पर उसकी जांच क्यों नहीं की गई। जिन अनुदेशकों का नवीनीकरण किया गया, उनसे आवेदन न करने का कारण क्यों नहीं पूछा गया। जब जिम्मेदारों को अनुदेशक की मौत होने की पहले से जानकारी थी, तो मानव संपदा पोर्टल से उसका नाम उसी वक्त क्यों नहीं हटाया गया। ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनकी जांच हो तो लापरवाही की पोल खुल जाएगी।
वर्जन
मामले में खंड शिक्षाधिकारी बीसलपुर की ओर से नवीनीकरण के लिए मृतक का नाम नहीं भेजा गया था। जानकारी करने पर बताया गया कि उन्हें सूची संबंधित पटल के बाबू ने दी थी। उसी पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिए थे। अब मृतक अनुदेशक का नाम पोर्टल से हटा दिया गया है। – अमित कुमार सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी