Pilibhit News: फिर बढ़ गया शारदा नदी का जलस्तर, आठ बंबूक्रेट बहे

जलस्तर बढ़ने से फिर लबालब हुई शारदा नदी ।
पूरनपुर। शनिवार रात में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का पानी नाले से होकर गांव चंदिया हजारा में घुस गया है। इससे ग्रामीणों में खलबली मच गई है। जलस्तर बढ़ने से कटान रोकने के लिए लगाए गए 10 बंबूक्रेट में से आठ नदी में बह गए हैं। अब तक लाखों रुपये खर्च कर लगाए गए 28 बंबूक्रेट नदी में समा चुके हैं। नदी तेजी से कटान करके चंदिया हजारा इलाके में तबाही मचा रही है।
शारदा नदी इस बार सबसे अधिक कहर गांव चंदिया हजारा के समीप ही बरपा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह से कटान शुरू होने पर बाढ़ खंड ने शुरुआत में कटान रोकने के लिए वायरक्रेट लगवाए थे। इससे कटान कुछ धीमा हुआ था, लेकिन 12 जुलाई को जलस्तर बढ़ने पर चार दिन तक लाखों रुपये की लागत से बनाए गए 15 वायरक्रेट नदी में समा गए थे।
बाद में बाढ़ खंड की ओर से कटान रोकने के लिए बंबूक्रेट बनवाने शुरू किए। इसके लिए ट्रकों से लखनऊ से बांस मंगवाए गए। 17 जुलाई को कटान रोकने के लिए 20 बंबूक्रेट लगवाए गए थे। अगले दिन बनबसा बैराज से डेढ़ लाख क्यूसेक पानी पास होने पर लाखों की लागत से बनाए गए सभी बंबूक्रेट नदी में समा गए। नदी के उफनाने से गांव चंदिया हजारा के 25 घरों में पानी घुस गया।
दो दिन पहले जलस्तर कम होने पर घरों में भरा पानी तो निकल गया, लेकिन नदी ने कटान तेज कर दिया। तीन किसानों की 10 एकड़ से अधिक गन्ने की फसल नदी में समा गई। शुक्रवार को फिर कटान रोकने के लिए बंबूक्रेट लगाने का काम शुरू किया गया। शनिवार शाम तक बाढ़ खंड की ओर से 10 बंबूक्रेट लगवाए गए। इससे कटान धीमा हुआ तो किसानों ने राहत की सांस ली।
शनिवार रात फिर नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी उफना गई। कटान रोकने के लिए लगाए गए 10 में से आठ बंबूक्रेट नदी में बह गए। इधर, नाले से होकर नदी का पानी गांव में घुस गया। इससे गांव के लोगों में बाढ़ की आशंका से फिर खलबली मच गई है। हालांकि रविवार को नदी का जलस्तर कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली। तहसीलदार ध्रुवनरायन यादव ने बताया कि नदी में शनिवार से 30 हजार क्यूसेक पानी बनबसा बैराज से पास हो रहा था। बाढ़ के हालात तो नहीं है, लेकिन चंदिया हजारा के समीप कटान हो रहा है।
०००००००
नदी किनारे दलदल होने से बंबूक्रेट लगाने के अलावा कटान रोकने का फिलहाल कोई और तरीका नहीं है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बंबूक्रेट नदी में समा रहे हैं। बंबूक्रेट का मलबा नदी किनारे जमा होने से कटान रुकने में मदद कर रहा है। नदी का जलस्तर कम होने पर फिर बंबूक्रेट लगवाए जाएंगे। – डीएन शुक्ला, सहायक अभियंता बाढ़ खंड