Pilibhit News: गन्ने के अभाव में बंद होने के कगार पर चीनी मिल
पूरनपुर। गन्ना खरीद केंद्रों से चीनी मिल को पर्याप्त गन्ना न पहुंचने से बुधवार को मिल के बाहर वाहनों की लाइनें नहीं लगी। गन्ने के अभाव (नोकेन) में चीनी मिल कब बंद हो जाए, इसको लेकर मिल की ओर से 20 और 21 दिसंबर का स्पेशल गन्ना सप्लाई इंडेंट जारी किया है।
खरीद केंद्रोंं से चीनी मिल को ट्रकों से गन्ना ढोने का प्रावधान है। गन्ना ढुलाई का ठेका भी ऐसे ठेकेदारों को होना चाहिए, जिनके पास गन्ना ढोने के लिए ट्रकों की व्यवस्था हो, मगर पूरनपुर चीनी मिल के अधिकांश गन्ना ढुलान ठेकेदारों के पास ट्रकों की व्यवस्था नहीं है, ट्रैक्टर-ट्राॅलियों से ढुलाई होती है। क्षमता से अधिक गन्ना भरी ट्राॅलियों से हादसा की आशंका रहती है।
एक दिन पूर्व एआरटीओ की ओर से ऐसी ही ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालक पर कार्रवाई की गई। इसके विरोध में मंंगलवार को गन्ना ढुलान ठेकेदार हड़ताल पर रहे। इससे खरीद केंद्रों पर गन्ना की तौल नहीं हो सकी और न ही गन्ने का उठान हुआ। इससे चीनी मिल में दूसरे दिन भी नोकेन की स्थिति बनी रही। कहीं चीनी मिल गन्ने के अभाव में बंद न हो जाए, इसलिए मिल की ओर से 20 दिसंबर का 15600 और 21 दिसंबर का 18232 क्विंटल गन्ना का स्पेशल इंडेंट जारी किया, मगर मिल के अधिकारी चिंतित रहे।
चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी अजय यादव ने बताया कि आपस में झगड़े के चलते मंगलवार को ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर थे। गन्ना सप्लाई का बुधवार और बृहस्पतिवार का स्पेशल इंडेंट जारी किया गया है। चीनी मिल नोकेन में नहीं है। गन्ना लेकर आओ और तौल कराकर तुरंत घर जाओ की स्थिति है।
रात को शुरू किया गन्ना का ढुलान
प्रतिबंध के बाद भी गन्ना खरीद केंद्रों से ट्रॉलियों से गन्ना ढुलान बंद नहीं हो पा रहा है। कार्रवाई के डर से अब ठेकेदारों ने गन्ना खरीद केंद्रों से रात में गन्ना का ढुलान शुरू किया है।