Pilibhit News: बरामद मूर्ति की जांच के लिए पहुंची पुरातत्व विभाग की टीम
पूरनपुर। कोतवाली के माल खाना से चोरी और बाद में नाटकीय ढंग से बरामद हुई अष्टधातु की मूर्ति की जांच के लिए लखनऊ से पुरातत्व विभाग की टीम कोतवाली पहुंची। टीम ने गहनता से मूर्ति की अनुमानित कीमत और कितनी पुरानी है, इसकी जांच की। टीम अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करेगी।
पूरनपुर कोतवाली पुलिस ने वर्ष 2006 में भगवान बुद्ध की अष्टधातु की मूर्ति बरामद की थी। इसका मुकदमा अदालत में विचाराधीन है। बरामद मूर्ति कोतवाली से चोरी हो गई थी। कई बार कहने के बाद जब मूर्ति अदालत में प्रस्तुत नहीं की गई तो अदालत की तरफ से शासन को पत्र लिखा गया था। तत्कालीन सीओ की मौजूदगी में कई दिन तक कोतवाली में मूर्ति की तलाश कराई गई थी।
मूर्ति न मिलने पर तब तैनात रहे हेड मोहर्रिर अमरनाथ यादव और अन्य के खिलाफ चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हेड मोहर्रिरों को नोटिस भेजकर तलब किया गया। एक अप्रैल को कोतवाली से ही रहस्यमय ढंग से मूर्ति बरामद हो गई थी। मूर्ति कितनी पुरानी और कितनी कीमत की है।
अदालत के आदेश पर बुधवार को लखनऊ से आई पुरातत्व विभाग की दो सदस्यीय टीम ने कोतवाली के मालखाना से मूर्ति को निकलवाकर उसकी जांच की। टीम ने लेंस से मूर्ति की गहनता से जांंच कीेे और फोटोग्राफी कराई। टीम में डॉ.प्रदीप और रवि कुमार थे। इंस्पेक्टर अपराध उमेश कुमार ने बताया कि लखनऊ से पुरातत्व विभाग की टीम मूर्ति की जांच को आई थी। इसमें मूर्ति कितनी पुरानी और कितनी कीमत की है। इसकी रिपोर्ट टीम अदालत में पेश करेगी।