Pilibhit News: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को दस वर्ष की सजा
न्यायालय ने 57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अर्चना गुप्ता ने दोषी को दस वर्ष की सजा सुनाते हुए 57 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थ दण्ड की धनराशि जमा होने पर 75 प्रतिशत धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश भी दिया है।
दो फरवरी 2017 को सुबह सात बजे वादी सो कर उठा तो देखा कि उसकी नाबालिग बेटी घर पर नहीं हैं। मोहल्ले में तलाश किया लेकिन नहीं मिली। पड़ताल की तो पता चला कि सगीर उर्फ गुलाब उसकी बेटी को धोखे से बहला फुसलाकर अपने साथ कहीं ले गया है। घर पर रखे 5500 रुपये भी बेटी साथ ले गई है।
वादी गुलाब के घर पर गया तो ताला पड़ा मिला। वादी ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया। पुलिस ने कहा कि खुद तलाश कर लो यही कहीं होगी मिल जाएगी।
पुलिस के न सुनने पर पीड़ित ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान ही पुलिस ने नौ फरवरी 2017 को पीड़िता को बरामद कर उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। पुलिस ने आरोपी सगीर उर्फ गुलाब के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाते हुए आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सगीर उर्फ गुलाब को न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोषी पाते हुए अर्थदण्ड सहित सजा से दंडित किया।