Pilibhit News: चुनाव निपट गया पर अब तक मूल तैनाती पर नहीं पहुंचे सफाई कर्मी
पीलीभीत। स्थानीय निकाय चुनाव के दौरान करीब 10 सफाई कर्मियों को सहयोग के लिए निर्वाचन कार्यालय से अटैच किया गया था। चुनाव निपट जाने के बाद भी इनमें से तीन को अब तक मूल तैनाती स्थल पर वापस नहीं भेजा गया है। विधानसभा चुनाव में लगाए कर्मी अब तक वहीं काम कर रहे हैं।
गांवों में तैनात सफाई कर्मी मुख्यालयों पर साहबों के घरों से लेकर कार्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं। मामला खुलने के बाद अधिकारियों में जहां बेचैनी है, वहीं सफाईकर्मी भी बचने की जुगत में हैं। इधर, निर्वाचन कार्य में लगे 10 सफाई कर्मियों में भी तब खलबली तब मच गई, जब इस बाबत खबर प्रकाशित हुई। ये कर्मचारी निकाय चुनाव के दौरान निर्वाचन कार्यालय भेजे गए थे।
फजीहत होने पर अधिकारियों ने इनमें से सात सफाई कर्मियों को रिलीव कर दिया है, लेकिन तीन अब भी निर्वाचन कार्यालय में सेवाएं दे रहे हैं। ये वापस गांव में अपने तैनाती स्थल पर जाने से बचने के लिए संबद्धता को जारी रखवाने की पैरवी में लगे है। इसके अलावा करीब एक साल से तीन सफाई कर्मी बिलसंडा ब्लॉक के गांव पिपरिया सिंगीपुर, पूरनपुर ब्लॉक के गांव भायपुर और ललौरीखेड़ा के गांव सथरापुर के सफाई कर्मी विधानसभा चुनाव में निर्वाचन कार्यालय में लगाए गए थे। चुनाव समाप्त होने के बाद भी ये कार्यालय में ही डेरा जमाए हैं। हालांकि वापसी के लिए पत्राचार भी किया गया, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया।
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पूरनपुर ब्लॉक का सफाई कर्मी बन गया विकास भवन में बिल बाबू
पूरनपुर ब्लॉक में एक सफाई कर्मी की साल 2008 में तैनाती हुई थी। जुगाड़ इतनी मजबूत थी कि गांव की सफाई व्यवस्था को छोड़कर वह सीधे विकास भवन में आ गया। तब से यहीं पर बिल बाबू के पटल पर काम कर रहा है। इसकी जानकारी होने के बाद भी आज तक किसी भी अधिकारी ने मूल तैनाती पर भेजने की कार्रवाई नहीं की। इसके साथ ही नौ अन्य सफाई कर्मी जिला पंचायतराज अधिकारी के अधीन मुख्यालय पर ही सेवा दे रहे हैं।