Pilibhit News: सिस्टम से हारा परिवार.. नहीं मिला आवास, अब गिर गई घर की छत

कंडेला में गिरी कच्चे घर की छत। संवाद
बदायूं। वह परेशान थी, क्योंकि रहने के लिए आवास नहीं थी। ग्रामीण आवास योजना के तहत कई लोगों के जर्जर मकान बने तो उसे भी उम्मीद की किरण दिखाई दी। बेहतर मकान का उसने भी सपना देखा और आवेदन कर दिया लेकिन सिस्टम से हार गई। उसका नाम तो पात्रता सूची में आ गया लेकिन जिम्मेदारों को ‘फीलगुड’ नहीं करा पाने के कारण उसका नाम ही सूची से काट दिया गया। ऐसे में उसके सपने चकनाचूर हो गए। अब उसने अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
विकास खंड जगत की ग्राम पंचायत कंडेला की रहने वाली माया देवी ने बताया कि उसका मकान जर्जर था। ग्रामीण आवास योजना के तहत आवेदन किया। आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति और उनके प्रतिनिधि ने दस हजार रुपये लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास दिलाया। पात्रता सूची में उसका नाम आ गया था लेकिन किस्त देने के नाम पर दस हजार रुपये फिर मांगे गए लेकिन इस बार उसने इन्कार कर दिया। ऐसे में उसका नाम पात्रता सूची से कटवा दिया गया।
माया देवी ने अब मामले की शिकायत डीएम, एसडीएम से की है लेकिन फिलहाल इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
टूट पड़ा संकट का पहाड़
एक तो मायादेेवी वैसे ही सरकारी मदद न मिल पाने और दस हजार रुपये जाने से ठगा महसूस कर रहीं थी, वहीं दूसरी ओर उन पर संकट का पहाड़ टूट पड़ा। शनिवार रात उनका परिवार घर में सोया हुआ था कि अचानक कच्चे मकान की छत भरभराकर गिर पड़ी। जैसे-तैसे परिवार के लोग बाहर निकले। फिलहाल परिवार अब पूरी तरह से खुले आसमान के नीचे जीवन-यापन करने को मजबूर है। परिवार सरकारी सिस्टम से हार मान चुका है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्रधान के पति प्रेमपाल सिंह का कहना है कि आवास स्वीकृत कराया था। रुपये लेने के आरोप निराधार है। उनको जानकारी नहीं कि पात्रता सूची से नाम कैसे कट गया। वहीं पंचायत सचिव वर्षा पाठक का कहना है कि उनसे पहले रहे सचिव के कार्यकाल में सूची से नाम कटा है। पहली सूची में नाम था। नाम किस आधार पर कटा है इसकी जांच कराई जाएगी।

