Pilibhit News: सेवा में आड़े न आई कैंसर से लड़ाई… सैकड़ों मासूमों की जिंदगी बचाई

डॉ एस सी गुप्ता बाल रोग विशेषज्ञ।
डॉक्टर्स डे पर विशेष
पीलीभीत। देश आज डॉक्टर्स-डे मना रहा है। यह दूसरे को जीवन देने वाले धरती के भगवानों को सम्मान देने का दिन है। डॉक्टर मरीज की पीड़ा के आगे अपना दुख-दर्द भी भूल जाते हैं। ऐसे ही एक डॉक्टर अपने जिले में भी हैं, जो खुद कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन अपना फर्ज निभाने में पीछे नहीं हैं। हजारों मासूमों को वह नई जिंदगी दे रहे हैं। हम बात कर रहे हैं जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी गुप्ता की। डाक्टर्स-डे पर उनके इस जज्बे को सलाम।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी गुप्ता वर्ष 1991 में स्वास्थ्य सेवा में आए थे। पहली तैनाती बरेली के नवाबगंज में हुई। इसके बाद सीएचसी बिलसंडा में भी उन्होंने सेवा दी। वर्ष 2002 में उनका तबादला लखनऊ जोन में हो गया। उन्होंने बलरामपुर, हरदोई और लखीमपुर में भी सेवाएं दीं। जून 2020 में गले में परेशानी हुई तो जांच कराई तब पता चला कि गले का कैंसर है।
दिल्ली से इलाज चलता रहा। अप्रैल 2022 में दिल्ली के एक अस्पताल में गले की सर्जरी हुई तो आवाज चली गई। जुलाई 2022 में उनको पीलीभीत जिला अस्पताल में तैनाती मिली। आवाज न होते हुए वह अपना फर्ज बखूबी निभा रहे हैं। बच्चों को देखकर ही उनकी बीमारी जान लेते हैं और पर्चे पर दवाएं लिख देते हैं। बड़ी संख्या में बाल रोगी ओपीडी में उनके पास पहुंचते रहे हैं। डॉ. एससी गुप्ता आज शुक्रवार को 65 वर्ष की आयु पूरी कर जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त हो गए हैं।
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रोजाना करीब 100 बच्चों का किया इलाज
डॉ. गुप्ता ने ओपीडी में रोजाना करीब 100 बच्चों का इलाज किया। जब से सेवा में आए ये क्रम नहीं टूटा। कई बच्चे तो ऐसे भी रहे, जो बेहद गंभीर हालत में थे, लेकिन डॉ. गुप्ता ने उनका जीवन बचाने के लिए हर जतन किया। इसका सुफल भी उन्हें बच्चों के ठीक होने के रूप में मिला।
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जीवन में समस्याएं तो आती ही रहती हैं लेकिन दूसरों का जीवन बचाने से पीछे हटना चिकित्सक होने के नाते मेरे जमीर को गवारा नहीं। एक चिकित्सक का फर्ज होता है कि वह अपनी सभी मुश्किलों को दरकिनार कर पहले अपना फर्ज निभाकर दूसरों का जीवन बचाए। वहीं मैंने किया। – डॉ. एससी गुप्ता



