Pilibhit News: नगर पालिका की पहली बैठक से तय होगी शहर के विकास की गति

अशोक कालोनी में गला पडा कूड़ादान। संवाद
– जलापूर्ति, कूड़ा निस्तारण प्लांट के अलावा स्ट्रीट लाइट की है मुख्य समस्या
– सोमवार को होने वाली पहली बैठक में पारित हो सकते हैं कई प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। नगर पालिका में चेयरमैन चुने जाने के बाद सोमवार को पहली बार बोर्ड की बैठक होगी। ऐसे में शहर के लोगों को उम्मीद है कि साफ सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। बोर्ड की पहली बैठक में शहर के विकास की क्या रूपरेखा तैयार की जाएगी यह भी शहरवासियों के लिए अहम होगा। नगर पालिका में नई सरकार बनने के बाद लोगों को इन समस्याओं से निजात की काफी उम्मीद है।
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मशीनें आएं तो आगे बढ़े प्लांट का काम
शहर से उठने वाले कूड़े का निस्तारण करने के लिए शहर से दूर गांव मीरापुर में करीब तीन साल पहले 6 करोड़ रुपये से साॅलिड वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू किया गया था। इससे कूड़ा का निस्तारण होने के साथ ही पालिका और भी काम कर सकती है। इसका काम अभी पूरा नहीं हो सका है। जिसके चलते शहर से कूड़े के ढेर दूर नहीं हो पा रहे हैं। यही नहीं शहर से बाहर सड़कों के पास कूड़े को डाला जाता है। बताते हैं कि प्लांट बनकर तैयार हो गया है। यहां पर मशीनों के आने का इंतजार किया जा रहा है। इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया था। चुनाव के चलते कवायद आगे नहीं बढ़ सकी है। अब पहली बैठक में इसपर कोई निर्णय होने की उम्मीद है।
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करीब आठ हजार घरों में नही पहुंच सका पानी
अमृत योजना साल 2018 में शुरू की गई थी। इसके तहत शहर के बीस हजार घरों में पानी जाना था, काम चला लेकिन अब तक महज 12 हजार घरों में ही कनेक्शन हो सके हैं। जलनिगम की ओर से शहर में 13 ओवरहैड टैंक बनाए गए और उनको रस्म अदायगी कर नगर पालिका ने अपने अधीन ले लिया। इसमें घपले को लेकर जांच हुई तो निष्कर्ष तक नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में 36 करोड़ बहाने के बाद भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उम्मीद है बोर्ड की बैठक में शहरवासियों को शुद्ध जल मुहैय्या कराने को लेकर प्रस्ताव रखा जाएगा।
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रात में रहता है अंधेरा, पोलोंं पर नहीं स्ट्रीट लाइट
शहर में स्ट्रीट लाइट की भी अहम समस्या बनी हुई है। यहां पर लाइटों के नाम पर बजट तो आता रहा लेकिन हालत यह रही कि सभासदों को वार्ड के सभी पोलों पर लाइट के लिए संघर्ष करना पड़ा। पूरे वार्ड के लिए प्रसाद की भांति ही लाइटों को दिया गया। शहर के टनकपुर रोड, अस्पताल रोड सहित कई रोडों पर लाइट ही नहीं है। लगी हैं तो बल्ब भी खराब है। इससे रात के समय यहां पर अंधेरा रहता है। बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर भी बात हो सकती है।
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पांच साल से नहीं खरीदे गए हैं कूड़ेदान
करीब पांच साल पहले लोहे के 25 बड़े कूड़ेदान खरीदे गए थे। इनको मुख्य स्थानों और मोहल्लों में लगवाया गया था। समय से कूड़े का उठान न होने और सफाई न होने के कारण कूड़ेदान गल गए हैं। इसमें अधिकांश को तो हटा दिया गया है। वह कहां गए किसी को नहीं मालूम है। कुछ स्थानों पर लगे भी है तो कूडा सड़क पर ही पड़ा दिखाई देता है।

अशोक कालोनी में गला पडा कूड़ादान। संवाद