Pilibhit News: जिलेभर में निकाले गए ताजियों के जुलूस, गूंजीं या हुसैन की सदाएं
पीलीभीत। मुहर्रम पर शनिवार को जिले भर में ताजियों के जुलूस निकाले गए। हर तरफ या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। उलमा ने तकरीरों में कर्बला के शहीदों खास कर हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के किरदार पर रोशनी डाली। अखाड़ा कमेटियों ने कर्बला की जंग के नजारे पेश किए। जगह-जगह सबीलें लगाई गईं और लंगर लुटाए गए। देर शाम ताजियों को कर्बला में दफन किया गया।
शहर में ताजियों के जुलूस की शुरुआत बेलों वाले चौराहे से हुई। मोहल्ला मुनीर खां, अशरफ खां, मोहम्मद वासिल, पकड़िया, शेर मोहम्मद, मदीनाशाह, डालचन्द्र, फीलखाना, पंजाबियान, बेनीचौधरी, कबीर खां, सरफराज खां आदि के ताजिये भी जुलूस में शामिल हो गए। हजारों की तादाद में अकीदतमंद या हुसैन की सदाएं बुलंद करते चल रहे थे। शहर में छोटे-बड़े सौ से अधिक ताजिए जुलूस में शामिल रहे।
शुक्रवार रात जलसे के कार्यक्रम भी हुए। इनमें उलमाओं ने कर्बला की जंग का पूरा वाकया पेश किया। देर शाम शहर के अलावा, चंदोई, पकड़िया नौगवां और चिड़ियादाह व गौहनियां के ताजियों को कर्बला में दफन किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से जुलूस में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। एसपी अतुल शर्मा ने भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
कलीनगर। कलीनगर के माधोटांडा कस्बे में ताजियों का जुलूस निकाला गया। मोहल्ला इमामबाड़ा से शुुरू हुआ जुलूस मुख्य मार्ग पर कस्बे के सभी मोहल्लों से आए ताजियों के जुलूस में शामिल हुआ। ईदगाह मस्जिद के पास शाम तक ताजियेदार ढोल-नगाड़े बजाकर इमाम हुसैन की याद ताजा करते रहे। राजपुर गौंटिया, गुलाबटांडा सहित अनेक क्षेत्रों के ताजियों को कस्बे में घुमाकर डगा स्थित कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। एसओ अचल कुमार फोर्स के साथ सुरक्षा व्यवस्था को संभाले रहे।
सादगी से मनाया मुहर्रम
न्यूरिया। नगर पंचायत न्यूरिया में मुहर्रम सादगी के साथ शांतिपूर्वक मनाया गया। हुसैनी लंगर की पूरे दिन व्यवस्था रही। मुहर्रम के आखिरी दिन छोटे-छोटे ताजियों को ईदगाह के निकट कर्बला में दफना किया गया। बडे तख्त को पुनः इमाबाडों में रख दिया गया। मोहर्रम के अवसर पर स्टेशन मार्ग पर स्थित हजरत नूर अली शाह बाबा की मजार के निकट मेला लगा दूर दराज से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर खरीदारी की।
अमरिया में सजी आशूरा की महफिल
अमरिया। सुबह गांव में ताज़िये निकाले गए। जुलूस की शक्ल में इकट्ठा होकर लोग ताजिये लेकर कर्बला शरीफ पहुंचे और ताज़िये दफन किए। गए। आशुरा के मौके पर मजलिसे सजाई गई शहीदे आज़म हज़रत इमाम हुसैन को याद किया गया। हज़रत इमाम हुसैन की याद में आशुरा घर-घर शहादते इमाम हुसैन का जिक्र किया गया। एहले वैत की मोहब्बत में इमाम हुसैन के नाम पर लंगर लुटाए गए। शर्बत और पानी की सबीलें लगाई गईं।
आधी रात तक स्टेशन रोड पर रहा ताजियों का जुलूस
पूरनपुर। मुहर्रम पर शनिवार को ताजिया निकाले गए। कई ताजियों को कर्बला में ले जाया गया। जगह-जगह लंगर बांटा गया। इसमें शर्बत, कोल्ड ड्रिंक, हलीम तहरी, तंदूरी रोटी, चने की दाल और पानी का लंगर किया गया। मस्जिदों में हजरत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को याद कर तकरीरें की गईं। स्टेशन रोड पर फातमी फूलों की महक दस्ते करबला के नाम से तकरीर हुई। इसमें बरेली शरीफ से आए अनस रजा आदि ने तकरीर की। पैगामे अमन काउंसिल के सदर तौफीक अहमद क़ादरी ने भी शहीदाने कर्बला की याद में तकीर की। शाम को नगर के स्टेशन रोड पर ताजियां निकाले गए। मोहल्ला चौक से रंगरेजो का ताजिया, मंसूरी का ताजिया, हाजी शौकत का ताजिया, पुरानी बाजार से मुकाम अली शाह का ताजिया, खानकाह से कल्लन का ताजिया, ग्राम रामपुरा का ताजिया आकर्षण का केंद्र रहे।
पूरी अकीदत के साथ मनाया गया मुहर्रम
बीसलपुर। नगर समेत पूरे तहसील क्षेत्र में मुहर्रम अकीदत के साथ मनाया गया। नगर के ग्यासपुर, हबीबुल्ला खां जनूबी और हबीबुल्ला खां शुमाली आदि मोहल्लों मे बने ताजिये लगभग चार बजे भोगापुर की चुंगी के पास एकत्र हुए। इसके बाद वे ताजिया गाजी कमाल शाह मियां की मजार पर पहुंचे। उसके बाद ताजियों को बिलसंडा रोड स्थित कर्बला पर ले जाकर दफना दिया गया। ताजियों के जुलूस के साथ मातमी धुन बजाते हुए बैंड बाजे चल रहे थे। इसके अलावा रसायाखानपुर, रढ़ैता, दौल्तपुर हीरा, चठिया सेवाराम,रोहनिया, टिकरी, दियोरिया, टेहरी, गझाड़ी,सुजनी, पंसड़ी, ईटारोड़ा, नवदिया सितारगंज, कितनापुर, मनकापुर, आदि गांवों में भी मुहर्रम मनाया गया। रसायाखानपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लगा मेला पुलिस ने बंद करा दिया।