Pilibhit News: दिल के डॉक्टर थे नहीं…अब फिजीशियन भी गए छुट्टी पर
– जिला अस्पताल से बरेली भेजे जा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। जिला अस्पताल में लंबे समय से दिल की बीमारियों का इलाज करने वाले विशेषज्ञ नहीं थे। फिजीशियन से जैसे-तैसे काम चल रहा था, अब वह भी छुट्टी पर चले गए हैं। ऐसे में दिल की बीमारी से पीड़ित मरीजों की दिक्कत बढ़ गई है।
वर्ष 2012 से जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) का पद खाली है। वहीं अब जिला अस्पताल को कन्वर्ट कर मेडिकल कॉलेज के तौर पर विकसित किया जा रहा। भवन भी बनना शुरू हो गया है, 28 चिकित्सकों की नियुक्ति भी हो गई है, लेकिन इनमें हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है।
मरीजों को ज्यादा असुविधाओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभागीय जिम्मेदारों ने हृदय रोगियों को देखने की जिम्मेदारी फिजीशियन डॉ रमाकांत को सौंपी थी। वह भी एक सप्ताह पहले छुट्टी पर चले गए। अब जनरल फिजीशियन मरीजों को देख रहे हैं, जो हृदय रोग के संबंध में जांचें और दवाएं नहीं लिख सकते। ऐसे में हृदय रोगियों को आकस्मिक परिस्थिति में बरेली रेफर करना पड़ रहा है।
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ईसीजी जांचों में भी कमी
जिला अस्पताल में भले ही हृदय रोग विशेषज्ञ न हो लेकिन हृदय सबंधी जांच (ईसीजी) की सुविधा है। लेकिन फिजीशियन के छुट्टी पर चले जाने के बाद अब जांचें न के बराबर हो रहीं हैं। इसीजी ऑपरेटर शशांक सिंह ने बताया है कि फिजीशियन की मौजूदगी में 10-12 मरीजों की ईसीजी होती थी, अब ऑपरेशन आदि में आवश्यकता पर तीन-चार मरीजों की ईसीजी हो पाती है।
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प्रतिदिन आते हैं दर्जन भर मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी से मिले आंकड़ों के मुताबिक प्रतिदिन सात से आठ मरीज ब्लड प्रेशर जैसी समस्या को लेकर आते हैं। इसी तरह आकस्मिक विभाग में चार से पांच मरीज आते हैं, जिन मरीजों को अब बरेली के लिए रेफर करना पड़ता है।
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बोले जिम्मेदार
वर्ष 2014 में इस अस्पताल में नौकरी प्रारंभ की, इससे पहले यहां कार्डियोलॉजिस्ट नहीं रहा। समय-समय पर पत्र निदेशालय को लिखे गए, अभी फिजीशियन भी छुट्टी पर गए हैं तो आवश्यक पड़ने पर हृदय के मरीजों को बरेली रेफर किया जा रहा है।
– डॉ संजीव सक्सेना, प्राचार्य स्वशासी मेडिकल कॉलेज



