Pilibhit News: बच्ची की जान लेने के बाद से बाघ की दहशत

गांव के नजदीक जंगल की साफ कराईं झाड़ियां। संवाद
कलीनगर। सेल्हा गांव में बाघ के बच्ची को मारने की घटना के दहशत बरकरार है। बृहस्पतिवार रात भर लोग जागते रहे। दूसरे दिन शुक्रवार को भी ग्रामीणों में दहशत साफ दिखाई दी। शाम होते ही जंगल से नजदीक बसी आबादी में सन्नाटा पसर गया। मार्ग से गुजरने में भी लोग घबराते रहे। सुरक्षा के लिहाज से जंगल की झाड़ियों को साफ कराया गया है।
बराही रेंज के सटे माधोटांडा के सेल्हा गांव में बृहस्पतिवार शाम घर के बाहर खेल रही बच्ची बेबी को जंगल से आए बाघ ने हमला कर मार डाला व जंगल में खींच ले गया। इससे पहले पास में ही जंगल में बाघ ने एक मवेशी का शिकार किया था। घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। रात भर लोग जागते रहे। शुक्रवार सुबह वनकर्मियों की टीम निगरानी में जुट गई।
अधिकारियों के मौके पर न आने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश था। दोपहर को पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल मौके पर पहुंचे और वनकर्मियों से जानकारी जुटाई। इसके बाद टीमें गठित कर निगरानी कराने के निर्देश दिए। बच्ची की मौत के बाद से ही परिजन बदहवास नजर आए । मां पूजा तलफदार बच्ची के गम में गुमसुम रही। विधायक बाबूराम राम पासवान ने बच्ची के घर पहुंचकर परिजन को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
इधर, बच्ची बेबी का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देर शाम घर पहुंचा। घर पर भीड़ एकत्र हो गई। परिजन बदहवास हो गए। बरसात हो जाने से अंतिम संस्कार को कुछ देर रोका गया। बरसात बंद होने के बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि इस दौरान परिजन मुआवजे की मांग भी कर रहे थे। देवीय आपदा के तहत परिजन को साढ़े चार लाख रुपये की मदद का आश्वासन दिया गया है।
000
50 मीटर दायरे में साफ कराईं झाड़ियां
बरसात के चलते जंगल सीमा पर झाड़ियां उग आई हैं। इससे इलाका बीहड़ हो गया। घटना के बाद ग्रामीणों की मांग और सुरक्षा के लिहाज से टाइगर रिजर्व के अफसरों के निर्देश पर झाड़ियां साफ की गई। ग्रामीणों के सहयोग से झाड़ियों को काटकर हटाया गया। कुछ दायरे में विभाग की ओर से जाल भी लगाया गया है।
000
शुक्रवार सुबह भी बाघ देखे जाने का दावा
सेल्हा गांव के ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद शुक्रवार सुबह भी बाघ जंगल से सटे इलाके में देखा गया। इससे ग्रामीणों में दहशत है। इसकी जानकारी विभाग को भी दी गई। विभाग की ओर महज एक ही बात कही जाती है,निगरानी बढ़ाई गई है। इस बार भी निगरानी बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। जंगल सीमा पर झाड़ियां साफ कराने के साथ जाल भी लगाया गया है। – अरुण मोहन श्रीवास्तव, रेंजर बराही

गांव के नजदीक जंगल की साफ कराईं झाड़ियां। संवाद

गांव के नजदीक जंगल की साफ कराईं झाड़ियां। संवाद