Pilibhit News: पिंजरा लगाने के बाद से बाघिन की नहीं मिल रही लोकेशन
पूरनपुर। बाघिन को पकड़ने के लिए जैसे ही पिंजरा लगाया गया, उसने अपना स्थान बदल लिया है। बाघिन की पिंजरे के आसपास लोकेशन नहीं मिल रही है। वनकर्मी उसके जंगल में लौट जाने का दावा कर रहे हैं, जबकि किसान बाघिन के खेतों में ही छिपे होने की आशंका जता रहे हैं।
गांव मटहैना, हरदोई ब्रांच नहर के आसपास बाघिन दो महीने से चहलकदमी कर रही है। गांव से जंगल की दूरी कम होने पर बाघिन अक्सर जंगल में भी चली जाती है। चार दिनों से बाघिन हरदोई ब्रांच नहर के समीप डेरा जमाए थी। उसने एक घर में घुसकर बछड़े का शिकर भी किया। बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरा और उसकी लोकेशन जानने के लिए कैमरे लगाए गए। निगरानी के लिए टीमें भी लगी हुई हैं।
शुक्रवार को दिन में बाघिन की लोकेशन हरदोई ब्रांच नहर के समीप मिली थी, लेकिन शुक्रवार शाम से उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है। इससे वनकर्मी बाघिन के जंगल में लौट जाने का दावा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि बाघिन शुक्रवार रात करीब नौ बजे नहर पटरी से होते हुए जंगल की ओर गई है। हालांकि किसानों का कहना है कि बाघिन अभी खेतों में ही छिपी है। किसान खेतों में जाने से कतरा रहे है।
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बारिश होने से बाघिन के पगचिह्न नहीं मिल रहे हैं। इससे उसकी लोकेशन की सटीक जानकारी नहीं हो पा रही है। संभव है कि बाघिन जंगल में लौट गई हो। टीमों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। – अंजनी कुमार श्रीवास्तव, एसडीओ सामाजिक वानिकी