Pilibhit News: ट्रक मालिक, वास्तविक ठेकेदारों को ही मिलेगा ढुलाई का ठेका
पीलीभीत। धान और गेहूं के सेंटर से माल को ढोने के लिए दिए जाने वाले ठेके में होने वाले खेल को रोकने के लिए लिए शासन ने सभी ठेकों को निरस्त कर दिया है। अब नए सिरे से ठेऐ की कार्रवाई शुरू की जाएगी। शासन ने ठेके के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।
धान खरीद में सेंटरों पर परिवहन ठेकेदारों को नियुक्त किया जाता है। यह लोग धान को केंद्रों से राइस मिलों तक पहुंचाते हैं। पूर्व में इसमें ठेका लेने में ही घपलेबाजी होती रही है। इस बार भी ठेका दिया गया तो शिकायतें शुरू हो गई थी। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रदेश भर में हुए ठेकों को निरस्त कर दिया। शासन के इस निर्णय से जिले में ठेका लेने वालों में खलबली मच गई है।
मोटी रकम देने और माननीयों की सिफारिश पर ही ठेका मिलने की प्रक्रिया पूरी होती है। इस बार धान खरीद के साथ ही गेहूं का भी ठेका कर दिया गया था। ठेके को निरस्त करते हुए नए सिरे से कार्रवाई करने के आदेश देते हुए प्रदेश में दिशा निर्देशों को जारी किया गया है। शासन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि संभाग के अंतर्गत सभी एजेंसियों के खरीद केंद्रों के लिए एकल निविदा जारी की जाएगी।
संबंधित संभागीय खाद्य नियंत्रक की अध्यक्षता वाली निविदा समिति टेंडर को अंतिम रूप देगी। निविदा समिति में सभी खरीद एजेंसियों के प्रभाग प्रमुख, संबंधित संभागीय मुख्यालय के आरएफएमओ, एसआरएओ और डीएफएमओ सदस्य के रूप में शामिल होंगे। निविदा में भाग लेने के लिए पात्र होने के लिए निविदाकर्ता के पास उचित वहन क्षमता, वैध फिटनेस और बीमा वाला कम से कम एक व्यावसायिक रूप से पंजीकृत भारी वाणिज्यिक वाहन होना चाहिए। अधिक संख्या में खरीद केंद्रों के लिए पात्र होने के लिए, स्वामित्व वाले वाहनों की संख्या भी उसी आधार पर होनी चाहिए। अब इन्हीं शर्तों के आधार पर ठेका दिया जाएगा।
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ठेका लेने वाले अक्सर बिना वाहन के ही ठेका ले लेते थे। ऐसे में पूर्व में जांच के बाद खुलासा भी हुआ था। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए शासन ने प्रदेश भर के ठेकाें को निरस्त कर दिया है। – वीके शुक्ला, डिप्टी आरएमओ