Pilibhit News: किसान का धान पकड़ने पर हुआ हंगामा, मंडी सचिव से कहासुनी
बीसलपुर। शाहजहांपुर से धान ला रहे एक किसान को मंडी समिति के कर्मचारियों ने पकड़ लिया। मंडी ले जाकर उस पर जुर्माना डालने की बात कही। जानकारी होने पर किसान नेता ने इसका विरोध किया। फोन पर मंडी सचिव से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ा तो एसडीएम मंडी पहुंच गए। इसके बाद किसान को छोड़ दिया गया।
शाहजहांपुर के कस्बा बंडा का एक किसान शनिवार सुबह ट्रैैक्टर-ट्रॉली से अपना धान लेकर पीलीभीत मंडी में बेचने ले जा रहा था। बीसलपुर से गुजरते समय मंडी कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। कर्मचारी धान को व्यापारियों का बताकर ट्रैक्टर-ट्राॅली को मंडी ले गए। किसान ने मंडी कर्मचारियों को अपने किसान होने के प्रमाण दिखाए, लेकिन वे नहीं माने और जुर्माना डालने की बात करने लगे।
इस पर किसान ने भाकियू के पूर्व तहसील अध्यक्ष संतोष यादव को फोन पर मामले की जानकारी दी। संतोष यादव ने पहले तो मंडी सचिव से वार्ता की। मंडी सचिव जब नहीं माने तो फोन पर उनसे कहासुनी हो गई। इसके बाद संतोष यादव ने एसडीएम सचिन राजपूत को मामले की जानकारी दी। कहा, अगर किसान का धान नहीं छोड़ा गया तो मंडी प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। उधर, मंडी में किसान के समर्थन में वहां मौजूद अन्य किसान लामबंद होने लगे।
मामले को गंभीरता से लेकर एसडीएम तत्काल मंडी परिसर पहुंचे। उन्होंने किसान के प्रमाण देख ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ दिया। किसान नेता का आरोप है कि मंडी कर्मचारी सुविधा शुल्क वसूलने के चक्कर में ट्रॉली को जबरन मंडी ले गए थे। इस बाबत मंडी सचिव नाजिम अली ने बताया कि किसान ने पहले कागजात नहीं दिखाए थे, इसलिए ट्रॉली को मंडी लाया गया था। बाद में किसान के कागजात दिखाने पर ट्रॉली को छोड़ दिया गया।



