पीलीभीत

Pilibhit News: जब दान की बात होती है तो जुबां पर आता है भामाशाह का नाम

Connect News 24

संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

Updated Sat, 01 Jul 2023 12:35 AM IST

When it comes to charity, Bhamashah's name comes to mind.

शहर में एक प्रतिष्ठान पर भामाशाह जयंती मनाते उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के पदाधिकारी। संवाद

पीलीभीत। व्यापार मंडल की ओर से भामाशाह की जयंती मनाई गई। इस दौरान भामाशाह के योगदान को भी सराहा गया। पदाधिकारियों ने इस अवसर पर हर्षोल्लास जाहिर किया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए पुष्पांजलि दी। व्यापारियों की ओर से इस दौरान एक दूसरे को मिठाइयां भी बांटी गईं।

व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान पर एकत्रित होकर व्यापारियों ने भामाशाह की जयंती मनाई। उन्होंने बताया कि प्रदेश नेतृत्व की ओर से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर वीर भामाशाह की जयंती को व्यापारी दिवस के रूप में घोषित कराने की मांग की गई थी। जिसे मुख्यमंत्री ने माना है। प्रदेश उपाध्यक्ष राघवेन्द्र नाथ मिश्रा ने कहा कि दान की चर्चा में भामाशाह का नाम जुबां पर आ जाता है।

जिला उपाध्यक्ष डालचंद सक्सेना ने कहा कि देश की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप के चरणों में अपनी सभी जमा पूंजी अर्पित करने वाले दानवीर भामाशाह का जन्म अलवर में 28 जून 1547 को हुआ था। जिला उपाध्यक्ष रामजी नाथ सक्सेना ने बताया कि एक समय ऐसा आया जब अकबर से लड़ते हुए महाराणा प्रताप को अपनी प्राणप्रिय मातृभूमि का त्याग करना पड़ा। वे अपने परिवार सहित जंगलों में रह रहे थे। जब भामाशाह को महाराणा प्रताप के इन कष्टों का पता लगा, तो उनका मन भर आया। उन्होंने अपना धन राणा को ये दिया। इस मौके पर मनीष व हरपाल यादव, राजेश वैश्य, श्याम गुप्ता, स्वतंत्र देवल समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।


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