Pilibhit News: प्रसव के तीसरे दिन महिला की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
पीलीभीत। शहर के नौंगवा चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के तीसरे दिन विवाहिता की मौत हो गई। परिवार वालों का आरोप था कि गलत इंजेक्शन लगाने से उसकी मौत हुई है। इस पर परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा किया। काफी देर समझाने के बाद परिवार वाले शांत हुए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव को घर ले गए।
जहानाबाद क्षेत्र के गांव अडरायन निवासी हरीशंकर ने बताया कि उसकी पत्नी सरस्वती गर्भवती थीं। बृहस्पतिवार को उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो शहर के नौंगवा चौराहा स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसी दिन शाम को ऑपरेशन से बच्ची का जन्म हुआ। विवाहिता को डाक्टरों ने कुछ दिन तक अस्पताल में रखने की सलाह दी थी।
शनिवार की रात सरस्वती को दिक्कत होने लगी। इसके बाद हरीशंकर ने महिला स्टाफ को जानकारी दी, लेकिन स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। रात अधिक होने के कारण स्टाफ नर्स सोती रही। रविवार की सुबह समस्या अधिक हाेने पर हरिशंकर ने फिर कर्मचारियों को जानकारी दी। तब एक नर्स ने सरस्वती को एक इंजेक्शन लगाया।
आरोप है कि इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद ही सरस्वती ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने वहां खूब हंगामा किया। सूचना के बाद सुनगढ़ी पुलिस भी पहुंच गई। करीब पौन घंटे से ज्यादा देर तक हंगामा चलता रहा। जैसे-तैसे पुलिस ने मामला शांत कराया। हालांकि परिवार के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। समझाने पर परिवार के लोग शव को लेकर चले गए। सुनगढ़ी इंस्पेक्टर जगतपाल ने बताया कि परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया है।
पिता ने पुलिस के सामने किया आत्महत्या की कोशिश
हंगामे के दौरान एक पुलिस कर्मचारी की ओर से परिवार वालों पर दबाव बनाया जाने लगा। इसके बाद मृतका के पिता टीकाराम ने पुलिस के ही सामने आत्महत्या करने के लिए अपने गमछे से गला घोंटने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह से उनके गले से गमछा निकलवाया। इसके बाद पुलिसकर्मी उन्हें जबरदस्ती थाने ले जाने लगे। इससे परिवार के लोगों का गुस्सा और भी बढ़ गया। जैसे-तैसे मामले को शांत कराया गया।
परिजन ने शव का पोस्टमार्टम ही नहीं कराया, इसलिए मौत का कारण पता नहीं चला पाया है। विवाहिता के परिजन ने कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई है। – आलोक शर्मा, सीएमओ।