पीटीआर : एक बार में चार सैलानी ही चढ़ सकेंगे वाॅच टावर पर

सफारी से जंगल की सैर करते सैलानी। स्रोत- पर्यटक
जागा पीटीआर प्रशासन, चार गाइडों को जिम्मेदार ठहराकर बाहर करने की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
कलीनगर। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में बने वॉच टॉवर में एक बार में चार सैलानी ही चढ़ सकेंगे। बारहसिंगा ताल पर वॉच टावर टूटने के बाद रिजर्व प्रशासन ने इसकी गाइडलाइन जारी की है। सूत्राें के अनुसार हादसे के लिए चार गाइड जिम्मेदार ठहराए गए हैं जिन्हें हटा दिया गया है। फिलहाल, इस बारे में कोई अधिकारी खुल कर नहीं बोल रहा है।
दो दिन पहले बारहसिंगा ताल के पास बना वाॅच टावर क्षमता से अधिक सैलानियों के चढ़ने से टूट गया था। इसमें लखनऊ के शिया काॅलेज की दो छात्राओं समेत 16 सैलानी और दो गाइड घायल हो गए थे। हादसे के बाद से ही अधिकारी गाइडों को हादसे के लिए जिम्मेदार करार दे रहे थे। हालांकि अभी तक न तो उन्हें तलब किया गया है और न ही उनसे पूछताछ की गई है। इसके बाद अब पीटीआर के अधिकारियों ने वाॅच टावर के लिए नियम तय किए हैं। वॉच टावर पर संकेतक लगाने को कहा गया है। साथ ही गाइडों को नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
क्षतिग्रस्त टावर की हुई मरम्मत
बारहसिंघा ताल के क्षतिग्रस्त वॉच टावर की मरम्मत कराई जा रही है। वहीं शनिवार को भीमताल और सायफन के वाच टावर पर रिजर्व प्रशासन की गाइडलाइन के मुताबिक ही सैलानी चढ़े।
वॉच टावर पर क्षमता से अधिक सैलानी चढ़ने के मामले में एसडीओ माला से जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही गाइडों से भी जवाब मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
– नवीन खंडेलवाल, प्रभागीय वनाधिकारी, पीटीआर