Rampur News: रामपुर की विरासत में दर्ज हुआ 400 साल पुराना वट वृक्ष
रामपुर।
शाहबाद में 14 से अधिक शाखाओं वाले 400 साल पुराना वट वृक्ष रामपुर की विरासत में दर्ज हो चुका है। पूर्व में लखनऊ से आई टीम ने जांच कर प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन की मुहर के बाद से रामपुर की विरासत में दर्ज किया जा चुका है। जल्द ही इसके आसपास सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इस वट के वृक्ष से क्षेत्रभर के लोगों की बड़ी आस्था जुड़ी हुई है।
शाहबाद के बिलारी रोड स्थित चौधराना मंदिर पर 400 पुराना वट वृक्ष है। 100 साल से अधिक पुराने सभी वृक्षों और धरोहर को विरासत में शामिल करने के राज्य सरकार ने निर्देश दिए थे। इसके बाद इस वृक्ष को रामपुर की विरासत में शामिल करने की कवायद शुरू की गई थी। 28 अक्टूबर 2020 को लखनऊ विश्वविद्यालय की वनस्पति विभाग से आई टीम ने जांच पड़ताल कर इसे विरासत में शामिल करने की बात कहते हुए शासन को रिपोर्ट सौंपी थी, शासन से मंजूरी मिलने के बाद इसे रामपुर की विरासत घोषित किया जा चुका है।
मंजूरी मिलने के बाद अब इस वट वृक्ष के आसपास सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। 14 से अधिक शाखाओं वाला वट का वृक्ष आज आसपास के जनपदों में आकर्षक का केंद्र बना हुआ है। लोग बड़ी आस्था के साथ रोजाना पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। इस विशाल वट के वृक्ष की सभी शाखाएं जमीन से लग चुकी है। पहले इसकी चौदह शाखाएं थी, लेकिन अब और शाखाएं निकल रही हैं।
रामपुर की विरासत में जुड़ जाने के बाद इस वट के वृक्ष को पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। चौधराना मंदिर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। साथ ही इस वट वृक्ष से भी लोगों की आस्था जुड़ी है। अगर इसके आसपास सौंदर्यीकरण कराकर इसे एक नई पहचान दिलाई जा सकती है।
चौधराना मंदिर के पुजारी बाबा राजेश गिरी ने बताया कि 400 से अधिक साल पुराने इस वट वृक्ष का सर्वेक्षण करने लखनऊ से टीम आई थी। इसे रामपुर की विरासत में शामिल कर इसका सौंदर्यीकरण कराने की बात कही गई थी। अभी तक सौंदर्यीकरण नहीं हो पाया है। इस वट वृक्ष से लोगों की आस्था जुड़ी है। सरकार इसके आसपास सौंदर्यीकरण कराकर इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करे।
डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि शाहबाद के चौधराना मंदिर पर लगा वट वृक्ष रामपुर की विरासत घोषित किया जा चुका है। शासन से इसके तहत जो मदद मिलेगी, उससे इसका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।